Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

हिंदू धर्म पर जहर उगलकर आंबेडकर की आड़ ले रहे हैं ए. राजा, बाबा साहेब ने आखिर कहा क्या था?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 13, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
A Raja
25
SHARES
822
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने हिंदू धर्म और हिंदुओं के खिलाफ नए सिरे से अभियान छेड़ दिया है। पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना गंभीर बीमारियों से करते हुए इसके समूल नाश का आह्वान किया। उदयनिधि के इस बयान पर बवाल थमा भी नहीं था कि एक अन्य डीएमके नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा ने और भी जहरीला बयान दे दिया। उन्होंने हिंदू धर्म को कुष्ठ और एचआईवी बता दिया। ए. राजा ने बाद में अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने तो सिर्फ डॉ. भीमराव आंबेडकर और पेरियार जैसे विचारकों की बातें ही दुहराईं। सवाल है कि क्या डॉ. आंबेडकर ने सनातन की तुलना बीमारियों से की थी या फिर उसके समूल नाश का आह्वान किया था?

स्टालीन के बाद ए. राजा ने उगला जहर

इन्हें भी पढ़े

court

आतंक प्रभावित कश्मीर में RSS को मार्च की इजाजत तो तमिलनाडु में रोक क्यों: हाई कोर्ट

October 14, 2026
CM Dr. Mohan Yadav

गुरुवाही से विकास का बड़ा ऐलान, उमरिया को 144 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, मानपुर में सांदीपनि विद्यालयों समेत की कई बड़ी घोषणाएं

October 14, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में मां के चतुर्थ स्वरूप माँ कुष्मांडा देवी की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना

October 14, 2026
special high-tech performance

रामलीला का अद्भुत आयोजन, एआई समेत आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल, पांच दिन होगा विशेष हाईटेक मंचन!

October 14, 2026
Load More

दरअसल, ए. राजा ने बुधवार को तमिलनाडु में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, ‘अगर घृणित शब्दों में सनातन धर्म की आलोचना की जाए तो यही कहा जाएगा कि एक समय था जब कुष्ठ रोग हुआ करता था और हाल में एचआईवी आया। हमारे लिए, इसे (सनातन को) एचआईवी और कुष्ठ रोग जैसा मानना चाहिए जिसने सामाजिक बीमारियां दीं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी मंच पर पेरियार और आंबेडकर के व्यापक लेखन प्रस्तुत करने के लिए तैयार हूं, जिन्होंने सनातन धर्म और इसके समाज पर नकारात्मक प्रभाव पर गहन शोध किया है। मैं अपने बयान की मूल बात दुहराता हूं, मैं मानता हूं कि मच्छरों से पैदा कोविड-19, डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों के प्रसार की तरह सनातन धर्म कई सामाजिक बुराइयों के लिए जिम्मेदार है।’ फिर उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं जो मेरे रास्ते में आती है, चाहे वह कानूनी अदालत में हो या जनता की अदालत में। फर्जी खबरें फैलाना बंद करो।’

डॉ. आंबेडकर ने हिंदू धर्म पर क्या कहा, जानिए

भारत मां के महान सपूतों में एक और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भी हिंदू धर्म की खामियों की कड़े से कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने खासकर हिंदू धर्म में जाति व्यवस्था पर खासी नाराजगी का इजहार किया और कहा कि इसने समाज में गहरी खाई पैदा कर दी। डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था के कारण समाज के एक तबके के साथ हुए अन्याय को लेकर काफी चिंतित थे और इसके विरोध में उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ दिया था। उन्होंने ‘एनिहिलेशन ऑफ कास्ट’ नाम की पुस्तक में जाति व्यवस्था पर जोरदार प्रहार किया। यह पुस्तक हिंदी में ‘जाति का विनाश’ नाम से उपलब्ध है। इस पुस्तक में डॉ. आंबेडकर ने हिंदू धर्म के बारे में कहा, ‘यह कहने में मुझे कोई झिझक नहीं है कि ऐसे धर्म को नष्ट किया जाना चाहिए तथा ऐसे धर्म को नष्ट करने का कार्य अधर्म नहीं कहलाएगा। वास्तव में, मैं कहता हूं कि आपका परम कर्तव्य यह है कि आप इस मुखौटे को उतार दो जो गलत रूप से कानून को धर्म बताता है। आपके लिए यह एक आवश्यक कार्य है।’

आंबेडकर की आलोचना का मतलब समझिए

लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट भी किया कि धर्म के विनाश से उनका मतलब क्या है। आंबेडकर ने लिखा, ‘कुछ लोग नहीं समझ सकते कि धर्म के विनाश से मेरा आशय क्या है; कुछ को यह धारणा विद्रोही लग सकती है और कुछ को यह क्रांतिकारी विचार लग सकता है। इसलिए मैं अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहता हूं। मैं नहीं जानता कि क्या आप सिद्धांतों और नियमों में भेद करते हैं या नहीं। लेकिन मैं इनके बीच भेद मानता हूं। मैं न केवल इनको अलग-अलग मानता हूं, बल्कि यह भी मानता हूं कि इनमें भेद वास्तविक और महत्वपूर्ण है। नियम व्यावहारिक होते हैं इनके निर्धारित मानदंड के अनुसार काम करने के प्रथागत रास्ते हैं। परन्तु सिद्धांत बौद्धिक होते हैं, ये चीजों को परखने के उपयोगी साधन हैं। ये नियम मानने वाले को बताते हैं कि कोई काम किस विधि से किया जाए।’

आंबेडकर ने दिए हिंदू धर्म में सुधार के सुझाव

वो नियम और सिद्धांत की विस्तार से व्याख्या करते हैं और फिर कहते हैं कि हिंदू धर्म मूल रूप से सिद्धांत है। आंबेडकर ने बताया कि उन्हें धर्म से आपत्ति क्यों है। फिर वो कहते हैं कि वो धर्म का विनाश नहीं चाहते हैं। वो लिखते हैं, ‘यद्यपि मैं धर्म के नियमों की निंदा करता हूं, इसका अर्थ यह न लगाया जाए कि धर्म की आवश्यकता ही नहीं। इसके विपरीत मैं बर्क के कथन से सहमत हूं, जो कहता है, ‘सच्चा धर्म समाज की नींव है, जिस पर सब नागरिक सरकारें टिकी हुई हैं।’ वो आगे कहते हैं, ‘इसलिए जब मैं यह अनुरोध करता हूं कि जीवन के ऐसे पुराने नियम समाप्त कर दिए जाएं, तब मैं यह देखने का उत्सुक हूं कि इसका स्थान ‘ धर्म के सिद्धांत’ ले लें, तभी हम दावा कर सकते हैं कि यही सच्चा धर्म है। वास्तव में, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि धर्म आवश्यक है। इसलिए मैं आपको कहना चाहता हूं कि धर्म में सुधार को मैं एक आवश्यक पहलू मानता हूं।’

डॉ. आंबेडकर ने हिंदू धर्म में सुधार के कुछ सुझाव भी दिए। उन्होंने लिखा- मेरे विचार से धर्म में सुधार के मूलभूत मुद्दे इस प्रकार हैं :

➤ हिन्दू धर्म की केवल एक और केवल एक ही मानक पुस्तक होनी चाहिए, जिसे सारे के सारे हिन्दू स्वीकार करें और मान्यता दें। इससे मेरा तात्पर्य यह है कि वेदों, शास्त्रों और पुराणों को पवित्र और अधिकृत ग्रंथ मानने पर रोक लगे तथा इन ग्रंथों में निहित धार्मिक या सामाजिक मत का प्रवचन करने पर सजा का प्रावधान हो।

➤ अच्छा होगा यदि हिन्दुओं में पुरोहिताई समाप्त की जाए। चूंकि ऐसा होना असंभव है, इसलिए पुरोहिताई पुश्तैनी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति जो अपने को हिन्दू मानता है, उसे राज्य के द्वारा परीक्षा पास कर सर्टिफिकेट प्राप्त कर लेने पर पुजारी बनने का अधिकार होना चाहिए।

➤ बिना सर्टिफिकेट के पूजा-पाठ करवाने को कानूनन वैध नहीं माना जाना चाहिए। जिनके पास सर्टिफिकेट नहीं है, उनके द्वारा पुजारी का काम किए जाने पर सजा का प्रावधान हो।

➤ पुजारी एक सरकारी नौकर होना चाहिए, जिसके ऊपर नैतिकता, आस्था तथा पूजा के मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा उस पर नागरिक कानून भी लागू होने चाहिए।

➤ पुजारियों की संख्या को कानून द्वारा आवश्यकता के अनुरूप सीमित किया जाना चाहिए, जैसा कि आईसीएस (अब आईएएस) के पदों की संख्या के बारे में किया जाता है।

ए. राजा की सफाई

ए. राजा ने भी अपनी सफाई में कहा है कि वो हिंदुओं के नरसंहार की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपने बचाव में कहा, ‘मैंने कभी भी सनातन धर्म का पालन करने वाले लोगों के नरसंहार का आह्वान नहीं किया। सनातन धर्म एक सिद्धांत है जो जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटता है। सनातन धर्म को उखाड़ फेंकने का मतलब है मानवता और मानव समानता को संरक्षित करना। मैं अपनी हर बात पर दृढ़ता से कायम हूं। मैंने सनातन धर्म के कारण पीड़ित शोषित और वंचित लोगों की ओर से बात की।’ ध्यान रहे कि सनातन धर्म के खिलाफ जहर उगलने का ताजा सिलसिला तमिलनाडु सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालीन के बयान से शुरू हुआ। उन्होंने कहा, ‘कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता है; उनका केवल उन्मूलन ही किया जाना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते हैं; हमें उन्हें मिटाना होगा। यही तरीका है जिससे हमें सनातन को मिटाना होगा। सनातन का विरोध करने के बजाय, इसे मिटा दिया जाना चाहिए।’

आंबेडकर की आड़ लेने वाले इन सवालों के जवाब तो दें

बात यह नहीं है कि आंबेडकर ने हिंदू धर्म के बारे में क्या कहा था। बात यह है कि आंबेडकर ने धर्मों के बारे में क्या कहा था। क्या उन्होंने इस्लाम और इसाइयत का समर्थन किया था? क्या आंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम या इसाई बन गए थे? जवाब है नहीं। वो बौद्ध बने थे जिसकी जन्मभूमि भी भारत ही है। क्या उदयनिधि स्टालीन या ए. राजा डॉ. आंबेडकर की इस्लाम के लिए कही गईं बातें ही दोहरा पाएंगे? सबको पता है कि डॉ. आंबेडकर का इस्लाम और मुसलमानों के प्रति क्या रुख था। लेकिन किसी नेता की क्या मजाल कि वो इस्लाम की खामियां गिना दे या उसमें सुधार का सुझाव दे दे, समूल नाश की बात तो बहुत दूर है।

इसलिए, आपत्ति यह नहीं है कि स्टालीन से लेकर ए राजा तक और बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव से लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य तक, सभी ने हिंदू धर्म में खामियां ढूंढी हैं। आपत्ति यह है कि इन सभी को सिर्फ हिंदू धर्म में ही खामियां दिखती हैं और बाकी धर्म बिल्कुल पवित्र दिखता है। सोचिए, जिस चंद्रशेखर यादव को भगवान राम से आपत्ति है, तुलसीदास से आपत्ति है, वो ही इस्लाम धर्म के पैगंबर को मर्यादा पुरुषोत्तम बताते हैं। वो किसी को क्या बताते हैं, यह उनकी मर्जी है, लेकिन दोहरे मानदंड रखने वालों की मंशा पर सवाल तो उठेंगे ही।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Bandhavgarh Tiger Reserve

‘बांधवगढ़’ टाइगर रिजर्व या मौत का जाल…?

January 17, 2026
Opposition's

फिर क्यों लौट आया गठबंधन की राजनीति का दौर?

July 18, 2023
Siddaramaiah DK Shivakumar

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई, क्या सिद्धारमैया की बराबरी कर पाएंगे डीके शिवकुमार?

May 28, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अजीत डोभाल उत्तराखंड के सपूत… राहुल गांधी के बयान पर भड़के पुष्कर सिंह धामी
  • दिल्ली: ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकार रोजी और अभिजीत दीपके समेत 6 पर FIR
  • आतंक प्रभावित कश्मीर में RSS को मार्च की इजाजत तो तमिलनाडु में रोक क्यों: हाई कोर्ट

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.