Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home धर्म

ग्रहण मोक्ष के बाद घर और मंदिर में गंगाजल कैसे छिड़कें? जानिए इसका महत्व

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 28, 2026
in धर्म
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लग रहा है। भारतीय समय के अनुसार, यह सुबह 6 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक के नियम लागू नहीं होंगे। फिर भी जहां ग्रहण दिखता है, वहां मोक्ष के बाद शुद्धि की परंपरा बहुत महत्वपूर्ण है। गंगाजल का छिड़काव उसी शुद्धि का आसान पवित्र तरीका माना जाता है।

ग्रहण मोक्ष के बाद शुद्धि क्यों जरूरी?

इन्हें भी पढ़े

Navratri Ashtami

पंचांग के अनुसार अष्टमी किस दिन है, अष्टमी व्रत कब रखा जाएगा और कन्या पूजन कब होगा?

October 17, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में सर्वकष्ट हरने वाली देवी माँ ‘कालरात्रि’ की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना

October 17, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में माँ कात्यायनी देवी की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना एवं श्रृंगार

October 16, 2026
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में माँ के पंचम स्वरूप ‘स्कन्दमाता’ की पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई पूजा-अर्चना एवं श्रृंगार

October 16, 2026
Load More

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण काल में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां सूतक माना जाता है। इस दौरान पूजा, भोजन और मंदिर के कपाट बंद रखने की परंपरा है। ग्रहण समाप्त होते ही स्नान, सफाई और जल छिड़काव से नकारात्मक प्रभाव को दूर करने की कोशिश की जाती है। यह काम भय से नहीं, बल्कि स्थान और मन को फिर से शुद्ध करने के भाव से किया जाता है। भारत में इस बार ग्रहण नहीं दिखने के कारण यह अनिवार्य नहीं है।

घर में गंगाजल छिड़कने की आसान विधि

ग्रहण मोक्ष के बाद पहले स्नान करें। इसके बाद साफ जल में थोड़ा गंगाजल मिला लें। उसके बाद घर की साफ-सफाई करें और धूल हटाएं। इसके बाद पूर्वाभिमुख खड़े होकर घर के मुख्य द्वार, कमरे, पूजा स्थान और रसोई में धीरे-धीरे गंगाजल मिले पानी का छिड़काव करें। जल के छिड़काव के दौरान मन में शुद्धि और शांति का भाव रखें। छिड़काव के बाद ही पूजा या भोजन शुरू करना शुभ माना जाता है।

मंदिर में गंगाजल और अभिषेक का क्रम

जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां सूतक समाप्त होने पर मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। पहले प्रांगण और गर्भगृह की सफाई होती है। फिर पवित्र जल या गंगाजल से मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के बाद ही नियमित पूजा, आरती और दर्शन शुरू होते हैं। मूर्तियों पर ग्रहणकालीन प्रभाव ना रहे इसी भाव से यह काम किया जाता है। भारत में इस बार मंदिर सामान्य रूप से खुले रहेंगे, क्योंकि ग्रहण यहां दृश्यमान नहीं है।

भोजन और तुलसी से जुड़ी सावधानी

परंपरा में कहा गया है कि सूतक के दौरान बने भोजन में यदि तुलसी दल नहीं डाला गया हो, तो उसे ग्रहण बाद सेवन के योग्य नहीं माना जाता है। जहां सूतक लागू हो, वहां भोजन पहले से बनाकर तुलसी डालकर रखा जाता है या फिर मोक्ष के बाद नया भोजन बनाया जाता है। गंगाजल छिड़काव के बाद रसोई को भी शुद्ध माना जाता है।

ग्रहण मोक्ष के बाद गंगाजल छिड़कना शुद्धि और नए आरंभ का प्रतीक है। यह वहीं आवश्यक माना जाता है, जहां ग्रहण दिखाई दे। भारत में 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण दृश्यमान नहीं है, इसलिए सामान्य पूजा और राखी में बाधा नहीं है। फिर भी पवित्र जल से घर की शुद्धता बनाए रखना शुभ माना जाता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
centenary year celebrations

मध्य भारत में बढ़ रहा है संघकार्य, शताब्दी वर्ष के आयोजनों में समाज की सज्जनशक्ति ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

March 18, 2026
Satya Niketan incident

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में बड़ा एक्शन, सभी PG-हॉस्टलों की होगी सुरक्षा जांच!

September 9, 2026
revolutionaries of Unnao

28 जुलाई: उन्नाव के क्रांतिकारियों का फिरंगियों से आज ही शुरू हुआ था युद्ध

July 28, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी
  • सर्वे : यूपी में 2027 में किसकी बनेगी सरकार?
  • सरकार ने बदली पेंशन योजनाओं के नाम, जानें लाभार्थियों पर क्या होगा असर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.