Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

महिला आरक्षण बिल के सहारे दक्षिण को अपना मजबूत किला बना रही भाजपा!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 26, 2023
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
26
SHARES
865
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: देश में इस साल के अंत तक 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं अगले साल अप्रेल-मई में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इस बीच केंद्र की सत्ता में पिछले 9 साल से काबिज भाजपा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इसी क्रम में बीजेपी ने संसद का 18 से 21 सितंबर तक विशेष सत्र आयोजित कर महिला आरक्षण विधयेक को पारित करा दिया। चुनाव से पहले भाजपा और पीएम मोदी महिला वोट बैंक को साधने के लिए चुनावी राज्यों के साथ-साथ पूरे देशभर में इस बिल का जोर-शोर से प्रचार कर रही है।

महिला आरक्षण बिल से माहौल बनाने में जुटी पार्टी

इन्हें भी पढ़े

Farmers

UP के इस जिले में किसानों को मुफ्त मिलेंगे सरसों के 16,500 बीज मिनीकिट!

October 11, 2026
pm modi

पीएम मोदी ने खुद खरीदा मेट्रो टिकट, CM विजय संग किया सफर

October 11, 2026
Yogi-Akhilesh

अखिलेश की चुनौती CM योगी को मंजूर, पेच कहां फंसा?

October 11, 2026

51 वर्ष बाद भी लोकतंत्र की पवित्रता नहीं समझ पाई कांग्रेस : स्मृति ईरानी

October 10, 2026
Load More

दिसंबर 2023 में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों को एक तरह से लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। मोदी सरकार ने शीतकालीन सत्र का इंतजार किए बिना संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल पारित करा दिया। इस बीच चुनावी राज्यों में पार्टी ने आतंरिक सर्वे भी कराया है। सर्वे के अनुसार स्थानीय बैठकों में नेताओं की अनुपस्थिति, गुटबाजी व तीन-तीन बार चुनाव जीत चुके विधायकों की एंटी इंकम्बेंसी भी पार्टी के लिए बड़ी समस्या है। वहीं इसी सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि पार्टी और पीएम मोदी की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है। वह इसी के आधार पर लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में काबिज हो सकती है।

तेलंगाना में पार्टी ने तैयार किया माहौल

पार्टी के आतंरिक सर्वे में एक और बात सामने आई वह यह कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की उत्तर भारत में कुछ सीटें कम हो सकती है और वह इसकी भरपाई दक्षिण के राज्यों से करना चाहती है। इसके लिए पार्टी तेलंगाना पर विशेष जोर दे रही है। पार्टी ने 2020 में तेलंगाना में हैदराबाद नगर निगम चुनावों में बड़ी जीत हासिल करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके बाद पार्टी ने बड़ा बदलाव करते हुए जी किशन रेड्डी की जगह बंदी संजय कुमार को पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। हालांकि इससे पार्टी को कुछ मदद मिली। संजय कुमार ने पूरे प्रदेश में पैदल यात्रा की शुरुआत की। यात्रा के दौरान उमड़े लोगों के हुजूम ने पार्टी को उत्साहित किया।

कर्नाटक में जेडीएस के सहारे नैया पार लगाने की कवायद

वहीं कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद भाजपा ने इस बार के लोकसभा चुनाव में पूर्व पीएम देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस से गठबंधन किया है। पार्टी को लगता है कि वोक्कालिगा समुदाय को कांग्रेस में जाने से रोकने के लिए जेडीएस के साथ गठबंधन जरूरी है। विधानसभा चुनाव में पार्टी वोक्कालिगा प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह साफ हो गई थी। इसके अलावा लिंगायत वोट तो बीजेपी का परंपरागत वोट बैंक रहा है। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 28 में से 25 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।

तमिलनाडु में चमत्कार की उम्मीद

दक्षिण का एक और राज्य है जहां पार्टी इस बार चमत्कार की उम्मीद कर रही है वह है तमिलनाडु। तमिलनाडु में पार्टी का एआईडीएमके के साथ गठबंधन टूट चुका है। भाजपा नेताओं के जयललिता और एआईडीएमके नेताओं के खिलाफ दिए जा रहे बयानों के बाद खफा हुई एआईडीएमके ने गठबंधन तोड़ दिया। पार्टी युवा अध्यक्ष के अन्नामलाई की पद यात्रा के सहारे 4-5 सीटें पाने की जुगत में है। पार्टी को लगता है कि सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के सनातन पर दिए बयान को मुद्दा बनाकर वह राज्य में अपने लिए माहौल बना सकती है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

नया वर्ष-नया उत्साह

January 4, 2023
संसद

संसद को बनाएं गंभीर चर्चा का मंच

February 9, 2023
PM Modi

‘मैं क्या बनूंगा, मेरा क्या होगा… कभी सोचा ही नहीं’, 25 साल की सेवा पर बोले PM मोदी; आदिवासियों के बीच बिताए दिनों को किया याद

October 7, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • UP के इस जिले में किसानों को मुफ्त मिलेंगे सरसों के 16,500 बीज मिनीकिट!
  • 1 साल तक शांति भंग न करें, CJP नेता अभिजीत, आशुतोष, सौरभ रिहा, कोर्ट की शर्त
  • पुतिन को लेकर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, जेलेंस्की पर भड़के

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.