नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। स्मृति ने शनिवार को कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी कुंठित हो गई है। वह चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि 51 वर्षों के बाद भी वह न तो ‘लोक’ का सम्मान करना सीख पाई है और न ही ‘तंत्र’ की पवित्रता के प्रति निष्ठा जता पा रही है। भाजपा नेता ने X पर गृह मंत्री शाह का एक वीडियो शेयर भी किया। इस वीडियो में हार का ठिकरा ईवीएम और चुनाव आयोग पर फोड़ने के लिए शाह कांग्रेस पर हमला बोलते नजर आए हैं।
संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी कांग्रेस
X पर अपने पोस्ट में ईरानी ने कहा, ‘पराजय का नया-नया कीर्तिमान स्थापित करने वाली कांग्रेस अब कुंठा के उस स्तर पर पहुंच चुकी है कि चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी हुई है। 51 वर्षों बाद भी कांग्रेस न तो ‘लोक’ का सम्मान करना सीख सकी है और न ही ‘तंत्र’ की पवित्रता के प्रति निष्ठा जता पा रही है।
शाह ने पूछा-2014 से पहले क्या ‘वोट चोरी’ से बनीं सरकारें?
वीडियो में शाह ने कहा, ‘कई सालों से कांग्रेस चुनाव जीत नहीं पा रही है। इस हार का ठीकरा कभी वह चुनाव आयोग, कभी मतदाता सूची, कभी एसआईआर पर फोड़ रही है। तमिलनाडु में वह 1967 से सत्ता में नहीं है। पश्चिम बंगाल में 49 साल से, सिक्किम में 42 साल से, बिहार में 36 साल से, गुजरात में 30 साल से और ओडिशा में 26 साल से उसका सीएम नहीं बन पाया है। भाजपा 2014 में सत्ता में आई। तो क्या इससे पहले इन राज्यों में ‘वोट चोरी’ से गैर-कांग्रेसी सरकारें बनीं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस धीरे-धीरे डूब रही है। अपनी हार के लिए उसे आत्मचिंतन करना चाहिए।’
बता दें कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस मुख्य चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार पर हमलावर है। वह उनका इस्तीफा मांग रही है। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों में हेरफेर करने और चुनावों में भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि ज्ञानेश कुमार यदि अपने पद पर रहे तो भविष्य के चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हो पाएंगे। कांग्रेस की मांग चुनाव ईवीएम की जगह मतदाता सूची से कराने की भी है। कांग्रेस देश भर में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मुहिम चला रही है। सीईसी के खिलाफ वह बीते दिनों दिल्ली में कई बार मार्च निकालकर विरोध-प्रदर्शन कर चुकी है।







