नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक निजी सप्लायर के बढ़े हुए बिल को पास करने के मामले में हेडगेवार अस्पताल के छह डॉक्टरों सहित 10 अधिकारियों की भूमिका जांच करने की अनुमति मांगी है। हेडगेवार अस्पताल के अफसरों पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप है।
एसीबी ने बताया कि अस्पताल की इंटरनल फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने भी पाया कि आरोपी निजी दवा सप्लायर कंपनी ने अस्पताल के कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत करके बढ़े हुए बिल जमा किए। साथ ही अनुचित भुगतान प्राप्त किया। एसीबी ने कहा कि यह अधिकारियों के कर्त्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। इसी के चलते सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है।
एसीबी ने अस्पताल के 10 अधिकारियों के खिलाफ जांच करने के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए के तहत जांच की अनुमति के लिए एनसीसीएसए से सिफारिश की। अधिकारियों ने कहा कि दवा सप्लायर ने बाद में अपने किए गए अतिरिक्त भुगतान को निपटाने के लिए 1.41 करोड़ रुपये के बैंक चेक दिए थे। इसमें से 91 लाख रुपये का चेक क्लियर हो गया था, लेकिन 50 लाख रुपये का एक ओर चेक बैंक द्वारा बाउंस हो गया, जिसके बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी।







