नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Pollution in Delhi) की स्थिति चिंताजनक है. दशहरे के अगले दिन हवा की गुणवत्ता पिछले साल की तुलना में अधिक गंदी थी, लेकिन 2021 की तुलना में बेहतर थी. मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 220 था, जो बुधवार को थोड़ा बिगड़कर 243 हो गया. हालांकि गुरुवार को AQI और बिगड़ गया और यह 256 पहुंच गया. एक्सपर्ट ने बिगड़ते AQI का कारण अक्टूबर के अंत में पड़ने वाले त्योहार को बताया.
TOI के अनुसार प्रतिबंध के बावजूद कुछ स्थानों पर पटाखे जलाए गए, लेकिन बुधवार को हवा की गति बढ़ने के कारण हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में नहीं पहुंची. बता दें कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 1 अक्टूबर से 1 जनवरी 2024 तक ग्रीन पटाखों सहित सभी प्रकार के पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 में दशहरा के दिन (5 अक्टूबर) AQI 211 ‘खराब’ श्रेणी में था.
हालांकि, त्योहार के एक दिन बाद क्षेत्र में तेज हवाएं चलने के कारण AQI सुधरकर ‘संतोषजनक’ श्रेणी में 79 हो गया. और आसपास के इलाकों में बारिश हुई. यहां तक कि साल 2015 के बाद से साल 2021 में दशहरे के बाद सबसे साफ दिन देखा गया जब सीपीसीबी ने AQI पर नजर बनाए रखा. 2021 में, दशहरे के दिन (15 अक्टूबर) AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में 198 था, लेकिन अगले दिन यह बढ़कर ‘खराब’ श्रेणी में 284 हो गया.
आगे का कैसा रहेगा हाल
दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी सिस्टम के अनुसार, शनिवार तक वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने की संभावना है. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को पंजाब, हरियाणा और यूपी में क्रमशः 398, 58 और 30 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं. मंगलवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान के अवशेष जलाने की क्रमश: 70 और 38 घटनाएं दर्ज की गईं.
आज से शुरू होगा रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान
वहीं राजधानी में लोगों को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान गुरुवार यानी आज से शुरू होने वाला है. इस अभियान की शुरूआत आईटीओ चौराहे से होगी. 28 को बाराखंभा और 30 अक्टूबर को चंदगीराम अखाड़ा चौराहा और दो नवंबर को सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में इसे चलाया जाएगा.







