Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

इस देश में इतिहास बना एयर पलूशन, दिल्ली को क्यों नहीं मिल पा रहा सॉल्यूशन

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 18, 2023
in राज्य, राष्ट्रीय
A A
Pollution
25
SHARES
844
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली : सर्दियां शुरू होते ही राजधानी दिल्ली समेत कई शहर प्रदूषण से हांफने लगते हैं। लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। धुंध की चादर की वजह से सूर्य के दर्शन नहीं होते और सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों की जान पर बन जाती है। बीते एक महीने से दिल्ली में प्रदूषण का कहर देखने को मिल रहा है। यहां तक कि स्कूल बंद करने पड़ गए। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सरकारें हाथ खड़ी कर चुकी हैं। इस समस्या का कोई स्थायी समाधान अबतक नहीं निकल पाया है। दिल्ली का एक्यूआई 500 क्रॉस कर गए। स्वास्थ्य एजेंसियों भी दिल्ली जैसे शहर में जीवन प्रत्याशा एक दशक तक घटने की चेतानवी दे दी। कुछ साल पहले चीन में भी ऐसी ही स्थिति बन जाती थी। राजधानी बीजिंग में लोगों को सांस लेना दूभर हो जाता था। लेकिन चीन ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया और उसने एयर पलूशन को कम करके इतिहास बना दिया।

चीन को कैसे मिली प्रदूषण से निजात?

इन्हें भी पढ़े

Farmers

UP के इस जिले में किसानों को मुफ्त मिलेंगे सरसों के 16,500 बीज मिनीकिट!

October 11, 2026
pm modi

पीएम मोदी ने खुद खरीदा मेट्रो टिकट, CM विजय संग किया सफर

October 11, 2026
Yogi-Akhilesh

अखिलेश की चुनौती CM योगी को मंजूर, पेच कहां फंसा?

October 11, 2026

51 वर्ष बाद भी लोकतंत्र की पवित्रता नहीं समझ पाई कांग्रेस : स्मृति ईरानी

October 10, 2026
Load More

भारत की तरह चीन में भी बढ़ते उद्योग, शहरीकरण और ईंधन के अत्यधिक उपयोग का असर दिखाई दे रहा था। चीन के अस्पताल में सांस के मरीजों का तांता लगा रहता था। बीजिंग में ही करीब 2.2 करोड़ लोग रहते हैं। गंभीर संकट को देखते हुए चीन ने लोगों में जागरूकता का काम शुरू किया। 2013 में ही चीन ने प्रदूषण से लड़ने का ऐक्शन प्लान बनाया और इसके लिए अरबों डॉलर खर्च करने की ठान लगी। इसके बाद बड़े शहरों में वाहनों पर प्रतिबंध ळगाया गया। एमिशन पर कंट्रोल, पूरे देश में एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और हैवी पलूशन इंडस्ट्रियों और कोयले के विकल्प पर काम करना शुरू किया गया। आईक्यूएयर के ग्लोबल सीईओ फ्रैंक क्रिस्टियन हैम्स के मुताबिक चीन ने प्रदूषण को गंभीरता से लिया।

उन्होंने कहा, अब चीन के रेस्तरां या फिर स्ट्रीट फूड वेंडर्स के पास कोयले  या लकड़ी का इस्तेमाल एकदम खत्म हो गया है। इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी या फिर गैस का इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि पावर जनरेटर भी गैस से चलाए जाने लगे। इससे बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। एक दशक में नाटकीय तरीके से चीन की हवा में सुधार हुआ। 2013 के मुकाबले 2021 में चीन के प्रदूषण में 42 फीसदी की कमी आई। एक दशक के बाद अब चीन का नाम टॉप प्रदूषित देशों में नहीं है। इसका स्थान अब 27वां है।

क्या गलती कर रहा भारत

जानकारों का कहना है कि भारत में जब प्रदूषण बढ़ता है तभी इसके बारे में विचार भी शुरू होता है। सीआरईए के सुनील दहिया ने कहा कि भारत के पास प्रदूषण कम कनरे की क्षमता है। हमारे पास पैसा और तकनीक दोनों है लेकिन अप्रोच सही नहीं है। बीजिंग की तरह ही कड़े प्रतिबंध लगाकर ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है और इसका प्रभाव कुछ समय बाद दिखाई देगा। बता दें कि हरियाणा और पंजाब में बड़ी मात्रा में पराली जलाई जाती है। इसके अलावा कुकिंग के लिए भी सस्ते फ्यूल का इस्तेमाल होता है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।  राजधानी दिल्ली में सर्दियां आते ही हालत खराब हो जाती है और हर साल लोग यही पूछते हैं कि कोई परिवर्तन क्यों नहीं हो रहा। राजनीतिक दलों में भी प्रदूषण खत्म करने के लिए कोई ज्यादा इच्छा नहीं दिखाई देती। चुनाव के वक्त फ्री की चीजों को मुद्दा बनाया जाता है लेकिन प्रदूषण मुद्दा नहीं बनता। जन जागरूकता बढ़ने के बाद ही ऐसी चीजें मुद्दा बन सकती हैं और उनपर कोई मजबूत ऐक्शन प्लान तैयार हो  सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
nitish kumar

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से बिहार की राजनीति में हलचल, उठ रहे कई सवाल

March 5, 2026
मनरेगा

समीक्षा पर स्पष्टता चाहिए

December 2, 2022
First organic market opened in Dehradun

देहरादून में खुला पहला आर्गेनिक मार्केट

January 10, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • UP के इस जिले में किसानों को मुफ्त मिलेंगे सरसों के 16,500 बीज मिनीकिट!
  • 1 साल तक शांति भंग न करें, CJP नेता अभिजीत, आशुतोष, सौरभ रिहा, कोर्ट की शर्त
  • पुतिन को लेकर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, जेलेंस्की पर भड़के

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.