Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

प्रकृति के पक्ष में कौन?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 2, 2023
in दिल्ली, विशेष
A A
who is in favor of nature
20
SHARES
656
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

मुरार सिंह कण्डारी


नई दिल्ली: दिल्ली में रामलीला मैदान विख्यात चिन्तक के .एन. गोविंदचार्य , बड़ी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा, बहुतसी धाराएं होगी, उसमें सही गलत में, जो प्रकृति के पक्ष में हो, वह सही, जो प्रकृति के पक्ष में हो, किन्ही कर्म से वह गलती उसी की एक झांकी लक्ष्मण बाल योगी जी ने अभी बताया, बहुत चिढ़ा रहे होंगे, फिर कुछ बातें निश्चित होगी, एक प्रकृति केंद्रित विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाएं, नीतियों और जनता प्रशिक्षण, समाज और सरकार दोनों एक मेज़ पर रहे, यह एक धारा है। फिर विकाश सत्ता का विकेंद्रीकरण और विकेंद्रीकरण के अनुसार भारत की राजनीति और भारत के अर्थ सहित की पुनर रचना करना। एक दूसरा काम है, इन दोनों के बारे में सहमत होकर अलग-अलग धाराए रहे।

इन्हें भी पढ़े

ED

ED का बड़ा ऐक्शन, जालंधर से दिल्ली तक ताबड़तोड़ पढ़े छापे

September 22, 2026
rekha gupta

दिल्ली के इस 160 साल पुरानी इमारत का होगा कायाकल्प, दिखेगा विरासत और संस्कृति का मेल

September 22, 2026
india export

भारत को डराया नहीं जा सकता, यह नया भारत है!

September 22, 2026
CM Rekha Gupta

सीएम रेखा गुप्ता का ऐलान, साउथ रिज में 1000 एकड़ से बढ़ेगा ग्रीनरी का दायरा!

September 20, 2026
Load More

who is in favor of nature

उनके साथ संवाद सहमति और सहकार के रास्ते आगे बढ़ाना है, अभी तो इतना ही करिए कि हम ऐसे सामान धर्मी लोगों को जिला स्तर पर इकट्ठा करें और प्रकृति संवाद या ऐसा कोई बैनर बना ले जिले में ही नहीं मोहल्ले में हो और कोई एक विषय, छोटासा विषय प्रकृति से संबंधित जो हो उसको उठाकर समाधान की ओर हलचल करें। यह काम अभी करने लायक है,और इतना कर ले फिर जो पहले से इस दिशा में काम कर रहे हैं। उनकी खोज खबर लीजिए, उनको आवश्यक मदद कीजिए और जो काम हुआ है, अच्छा तो वैसे ही, काम और जगह पहले तो जोड़ लीजिए, कि इसमें सहयोगी कौन होंगे, फिर यह सब आप अपनी शक्ति, बुद्धि, क्षमता, प्रतिभा के आधार पर और अपनी सीमाओं को ध्यान में रखकर करें। यही अभी का काम है, फिर कुछ समय के बाद किसी और रूप में, स्वरूप में, मिलेंगे, हम सब उसमें, हमने क्या किया, क्या नहीं किया, क्या देखा,लेखा जोखा भी करेंगे, अभी तो मैं नहीं समझता हूं कि समय हो गया 500 साल से जो विकृतियों आई है। भारतीय समाज के चिंतन में और कार्य में उसकी चर्चा अभी नहीं होगी, अभी तो इतना ही हम सोच कर चले और समय भी हो गया है, केवल कुछ सम्मान करने की बात थी आओ, प्रकृति के साथ जिए।

आज की दिल्ली
बेहाल है। ऊंची इमारतें, चौड़ी सड़कें तो बनी, लेकिन दिल्ली को मिली, भीड़ और धूल की सौगात , ध्वनि, वायु व प्रदूषण से लोग त्रस्त है। और क्या दिल्ली, पूरी दुनिया का हाल भी कमोबेश यही है। समाधान नहीं मिल रहा है। ना सबमें है, लेकिन यह समझने को कोई तैयार नहीं कि समस्या खुद हमी ने खड़ी की है। सबने प्रकृति के साथ जो अत्याचार किया है, उससे धरती का संतुलन बिगड़ा है। तभी हर ओर पहाड़ घंस रहे हैं, नदिया सूख रही हैं, जैव संपदा, जनजीव संपदा सब पर संकट है। इनकी चिंता किसी की ही नहींकी तो सिर्फ अपनी। हम भूल गए कि मनुष्य की जिंदगी, जमीन, जल, जंगल, जानवर, पशु, पेड़, पहाड़, पड़ोस परिवार इन सबसे मिली हुई है।

किया क्या?
इन सबकी कीमत पर सिर्फ मनुष्य का ध्यान रखा। समग्र दृष्टिकोण की कमी रही। क्या मिला? मिलना था, स्थायित्व के साथ समृद्धि और शांति। पैमाना यही है विकास का, लेकिन तीनों ही पैमानों पर दुनिया झुलस रही है। समाधान मिल नहीं रहा है। हर तरफ समस्याएं ही समस्याएं हैं, आजीविका का संकट हर ओर है। सब अपनी-अपनी समस्या में अकेले रो रहे हैं।

ऐसी स्थिति में हम जिस राह पर चलते आ रहे हैं, उसको दुरूस्त करने की जरूरत है। अभी हमने प्रकृति की कीमत पर मनुष्य का ध्यान रखा है। अब इसे बदलने की जरूरत है। हमें प्रकृति का ध्यान रखना है। मनुष्य की कीमत पर तो नहीं, इसके साथ-साथ प्राथमिकता में प्रकृति हो।

कैसे करें? अकेले में जितना कर सकते हैं, वह करें। साथ में समाज की परंपराओं के साथ मिलकर जीने की कोशिश भी रें। वैसी परंपराओं की, जिनमें इंसान भी प्रकृति का अंग रहा है।

अब तो दुनिया के लोग भी मानने लगे हैं कि 200 साल पहले तक भारत दुनिया का सबसे धनी देश था। ताकत अभी ती बहुत बची है। हम सब फिर से उठ जाएंगे। और शांति, समृद्ध तथा सादत्य तीनों में सफल हो जाएंगे।

यह अकेले नहीं होगा। समाज के तौर पर, सरकार के साथ संवाद के आधार पर आगे बढ़ना है। प्रकृति की चिंता करनी , कोई छूटे नहीं, एक नहीं, अकेले नहीं, इकठ्ठा दिखें। इसी में हम सबका, प्रकृति का, जगत का कल्याण है। हम फिर से सुखी होगे, तनावमुक्त होंगे।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
127 MPs suspended from Parliament

सुरक्षा में चूक पर हंगामा, संसद से 127 सांसद निलंबित

December 19, 2023
heatwave

दिल्ली की गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड ! रेड अलर्ट जारी, आखिर कब आएगा मॉनसून?

June 11, 2025
Tejashwi Yadav

कांग्रेस को बिहार में खतरा क्यों मानने लगे हैं तेजस्वी यादव?

February 26, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ED का बड़ा ऐक्शन, जालंधर से दिल्ली तक ताबड़तोड़ पढ़े छापे
  • भारत पर ऐक्शन से पहले सोच लेना’, रूस से तेल खरीदारी पर US को किसने दिखाया आईना
  • दिल्ली के इस 160 साल पुरानी इमारत का होगा कायाकल्प, दिखेगा विरासत और संस्कृति का मेल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.