Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

आरएसएस के कितने लोग आजादी की लड़ाई में शहीद हुए?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 12, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
26
SHARES
865
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

चन्दन कुमार


नई दिल्ली: यह सवाल बार बार कोमनिस्ट पार्टी और कांग्रेस पार्टी के लोगो ने किया और अभी भी उनके पार्टी के अल्पज्ञानी लोग करते रहते है! आज मैं उनको बताना चाहता हूँ कि वो अपने ज्ञान चक्षु को खोले और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले स्वयंसेवको की बलिदान के बारे में जाने! आरएसएस का निर्माण ही स्वतंत्रता प्राप्ति के उदेश्य से डॉ. केशव हेडगेवार जी द्वारा विजयदशमी के दिन 1925 में किया गया! 1926-27 में जब संघ नागपुर और आसपास तक ही पहुँचा था, उसी काल में प्रसिद्ध क्रांतिकारी राजगुरु नागपुर की भोंसले वेदशाला में पढ़ते समय स्वयंसेवक बने। इसी समय भगत सिंह ने भी नागपुर में डॉक्टर जी से भेंट की थी। दिसम्बर 1928 में ये क्रान्तिकारी पुलिस सांडर्स का वध करके लाला लाजपतराय की हत्या का बदला लेकर लाहौर से सुरक्षित आ गए थे। डॉ. हेडगेवार ने राजगुरु को उमरेड में भैया जी दाणी (जो बाद में संघ के अ.भा. सरकार्यवाह रहे) के फार्म हाउस पर छिपने की व्यवस्था की थी। 1928 में साइमन कमीशन के भारत आने पर पूरे देश में उसका बहिष्कार हुआ। नागपुर में हड़ताल और प्रदर्शन करने में संघ के स्वयंसेवक अग्रिम पंक्ति में थे।

इन्हें भी पढ़े

dharmendra pradhan

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- युवाशक्ति ही देश की असली ताकत

July 25, 2026
toll tax

टोल टैक्स में मिलेगी बड़ी राहत, 40% तक होगा सस्ता; NHAI ने बदला फॉर्मूला

July 25, 2026
train

सावन में ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, स्पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे

July 25, 2026
CJP's 'Chalo Sansad' march

छात्रों का आंदोलन खत्म, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही सरकार ने मान लीं CJP की सारी मांगें

July 25, 2026
Load More

इसके बाद,यहाँ पर मैं आपको सत्याग्रियो की सहायता के लिए स्वयंसेवको ने जो जत्था बनाई थी उसके बारे में चर्चा करना चाहता हूँ! शारीरिक शिक्षण प्रमुख (सरसेनापति) श्री मार्तण्ड राव जोग, नागपुर के जिलासंघचालक श्री अप्पाजी हलदे आदि अनेक कार्यकर्ताओं और शाखाओं के स्वयंसेवकों के जत्थों ने भी सत्याग्रहियों की सुरक्षा के लिए 100 स्वयंसेवकों की टोली बनाई जिसके सदस्य सत्याग्रह के समय उपस्थित रहते थे। 8 अगस्त को गढ़वाल दिवस पर धारा 144 तोड़कर जुलूस निकालने पर पुलिस की मार से अनेक स्वयंसेवक घायल हुए। विजयादशमी 1931 को डॉ. जी जेल में थे, उनकी अनुपस्थिति में गाँव-गाँव में संघ की शाखाओं पर एक संदेश पढ़ा गया, जिसमें कहा गया था- “देश की परतंत्रता नष्ट होकर जब तक सारा समाज बलशाली और आत्मनिर्भर नहीं होता तब तक रे मना ! तुझे निजी सुख की अभिलाषा का अधिकार नहीं ।” जनवरी 1932 में विप्लवी दल द्वारा सरकारी खजाना लूटने के लिए हुए बालाघाट काण्ड में वीर बाघा जतीन (क्रान्तिकारी जतीन्द्र नाथ) अपने साथियों सहित शहीद हुए और श्री बाला जी हुद्दार आदि कई क्रान्तिकारी बन्दी बनाए गए। श्री हुद्दार उस समय संघ के अ.भा.सरकार्यवाह थे।

अंग्रजो के कठोर दंड नीति को जानते हुए भी आरएसएस के परवानो ने देश के कई क्रांतिकारियों को आश्रय देने में पीछे नही रहे! नागपुर के निकट रामटेक के तत्कालीन नगर कार्यवाह श्री रमाकान्त केशव देशपाण्डे उपाख्य बालासाहब देशपाण्डे को आन्दोलन में भाग लेने पर मृत्युदण्ड सुनाया गया। आम माफी के समय मुक्त होकर उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम की स्थापना की। देश के कोने-कोने में स्वयंसेवक जूझ रहे थे। मेरठ जिले में मवाना तहसील पर झण्डा फहराते स्वयंसेवकों पर पुलिस ने गोली चलाई, अनेक स्वयंसेवक घायल हुए। आंदोलनकारियों की सहायता और शरण देने का कार्य भी बहुत महत्व का था। केवल अंग्रेज सरकार के गुप्तचर ही नहीं, कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता भी अपनी पार्टी के आदेशानुसार देशभक्तों को पकड़वा रहे थे। ऐसे जयप्रकाश नारायण और अरुणा आसफ अली दिल्ली के संघचालक लाला हंसराज गुप्त के यहाँ आश्रय पाते थे। प्रसिद्ध समाजवादी श्री अच्युत पटवर्धन और साने गुरुजी ने पूना के संघचालक श्री भाऊसाहब देशमुख के घर पर केन्द्र बनाया था। ‘पतरी सरकार ‘ गठित करने वाले प्रसिद्ध क्रान्तिकमीं नाना पाटिल को औौंध (जिला सतारा) में संघचालक पं.सातवलेकर जी ने आश्रय दिया।

कई एसे उदहारण आपको राष्ट्रीय स्वयं सेवको के संबंध में देखने को मिलेंगे ! पर यदि इसके लिए कोमुनिज्म के चश्मे को उतारकर राष्टभक्ति का चश्मा लगाया जाए तभी हम निष्पक्ष रूप से आजादी की लड़ाई में आरएसएस के योगदान को देख पाएंगे !

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
arrest

मुद्दा : जेल में भी जिंदगी से जद्दोजहद

April 24, 2023
REC

आरईसी ने जुटाए 4.75% पर 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फिक्स्ड रेट ग्रीन डॉलर बॉन्ड

September 30, 2024
uddhav thackeray

शिवसेना की जंग में अकेले छूट रहे उद्धव!

February 19, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- युवाशक्ति ही देश की असली ताकत
  • CM सम्राट के बड़े ऐलान, कोसी-गंडक कॉरिडोर, नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा
  • टोल टैक्स में मिलेगी बड़ी राहत, 40% तक होगा सस्ता; NHAI ने बदला फॉर्मूला

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.