Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

हिमाचल में क्यों लटका विधायकों के इस्तीफे वाला मामला

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 10, 2024
in राज्य
A A
neta cartun
13
SHARES
428
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

शिमला। हिमाचल प्रदेश के तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे का मामला लटक गया है। प्रदेश हाई कोर्ट इस मामले में अपना अंतिम फैसला नहीं सुना पाया है। हाई कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच की इस मामले पर अलग-अलग राय है, जिसके बाद मामले को तीसरे जज को सौंपने की सिफारिश की गई है। अब हाई कोर्ट का तीसरा जज मामले की सुनवाई कर अंतिम फैसला सुनाएगा। हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बीते 30 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया गया। तभी से निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा था।

इस्तीफे पर जजों की राय अलग-अलग

इन्हें भी पढ़े

getting rewards for giving garbage

प्लास्टिक बोतल दो, इनाम लो! कचरा देने पर मिल रहा रिवॉर्ड, जानिए क्या है ये अनोखी पहल?

April 3, 2026
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

BHU में जाति पूछकर सपा नेता ने ब्राह्मण छात्र को थप्पड़ मारा, केस दर्ज

April 2, 2026
aawas yojana

जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना

April 1, 2026
शराब

उत्तराखंड में आज से शराब महंगी, जानें नए रेट

April 1, 2026
Load More

बुधवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस राम चंद्र राव और जस्टिस ज्योत्सना रिवालदुआ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की, लेकिन इस मामले में दोनों जजों की राय अलग-अलग है। ऐसे में तीसरे जज की राय के बाद इस पर फैसला आएगा।

दो जजों ने क्या फैसला दिया

हाईकोर्ट के महाधिवक्ता अनूप रत्न ने बताया कि निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और मामले की सुनवाई कर रहे दोनों जजों का अलग-अलग मत था। चीफ जस्टिस ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक पद है और हाईकोर्ट किसी भी संवैधानिक संस्था को निर्देश नहीं दे सकता कि स्पीकर इस मामले पर फैसला कैसे लें। दूसरी तरफ जस्टिस ज्योत्सना रिवालदुआ का मत है कि निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने की शक्ति स्पीकर के पास है। हाईकोर्ट स्पीकर को इस मामले में निर्देश दे सकता है कि वह इस मामले का दो हफ्ते में निपटारा करें।

महाधिवक्ता ने बताया कि किसी मामले में जजों का दोहरा मत आने के कारण खंडपीठ उस मामले को तीसरे जज के समक्ष रखती है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को अब मुख्य न्यायाधीश तीसरे जज के सामने रखेंगे और वह इस मामले की पुनः सुनवाई के बाद जो भी निर्णय देंगे, वो अंतिम फैसला माना जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफा विधानसभा स्पीकर द्वारा स्वीकार न करने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। पिछली सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एमएस राम चंद्र राव और ज्योत्सना रिवालदुआ की खंडपीठ के समक्ष दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें दी गईं। विधानसभा स्पीकर की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और निर्दलीय विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनेंद्र सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पैरवी की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। निर्दलीय विधायकों के वकील ने कहा कि इस्तीफे को तुरंत स्वीकार किया जाना चाहिए था जबकि विधानसभा स्पीकर के अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि इस्तीफे को स्वीकार करने से पहले विधानसभा स्पीकर जांच का अधिकार रखते हैं और उसके बाद निर्णय लेंगे।

मामले के अनुसार प्रदेश के तीन निर्दलीय विधायकों हमीरपुर से आशीष शर्मा, नालागढ़ से केएल ठाकुर और देहरा से होशियार सिंह ने इस्तीफे मंजूर न करने और उन्हें स्पीकर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के खिलाफ याचिका दायर की है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान निर्दलीय विधायकों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में उन्होंने खुद जाकर स्पीकर के समक्ष इस्तीफे दिए, राज्यपाल को इस्तीफे की प्रतिलिपियां सौंपी, विधानसभा के बाहर इस्तीफे मंजूर न करने को लेकर धरने दिए और हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया तो उन पर दबाव में आकर इस्तीफे देने का प्रश्न उठाना किसी भी तरह से तार्किक नहीं लगता और इसलिए इससे बढ़कर उनकी स्वतंत्र इच्छा से बड़ा क्या सबूत हो सकता है।

गौरतलब है कि देहरा से तीनों निर्दलीय विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से 22 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष तथा सचिव को अपने इस्तीफे सौंपे थे। इस्तीफों की एक-एक प्रति राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भी दी थी। राज्यपाल ने भी इस्तीफों की प्रतियां विधानसभा अध्यक्ष को भेज दी थीं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

BJP ने 2024 आम चुनाव के लिए छोड़ दिए चार ‘ब्रह्मास्त्र’

June 28, 2023
India Israel Agriculture Development Project

भारत इजरायल कृषि विकास प्रोजेक्ट

June 27, 2023
Indian Navy

भारत के 8 पूर्व नौसेना अधिकारियों की मौत की सजा को क़तर कोर्ट ने उम्रकैद में बदली

December 28, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • आम आदमी की जिंदगी आसान करेगा जन विश्वास बिल!
  • अभिषेक शर्मा पर हो गया बड़ा एक्शन, आईपीएल ने क्यों ठोका बड़ा जुर्माना
  • विदेशी हो जाएगा ये देसी बैंक! RBI ने दी मंजूरी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.