शिमला। लोकसभा चुनावों के लिए घर से मतदान (होम वोटिंग) के लिए प्रदेश में करीब 97,199 लोग आवेदन कर चुके हैं। आवेदन पत्रों की छंटनी के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। पात्र लोगों को निर्वाचन विभाग मतदान के लिए घरों पर ही पोस्टल बैलेट उपलब्ध करवाएगा। मतदाता 12 मई तक होम वोटिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। होम वोटिंग के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी मतदाता के घर जाते हैं और उनसे मतदान करवाते हैं।
विशेष मतदान दल डाक मतपत्रों के माध्यम से मतदान करवाते हैं। होम वोटिंग के लिए आवेदन करने वाले योग्य आवेदकों को अपने लोकसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को फॉर्म 12-डी देना होता है। चुनाव अधिसूचना जारी होने के 5 दिन के भीतर आवेदन करना जरूरी है। आवेदन मंजूर होने के बाद पोलिंग टीम के साथ चुनाव आयोग के दो प्रतिनिधि मतदाता के घर पर आते हैं और मतदान पत्र के जरिए वोटिंग करवाते हैं।
इन्हें मिलती है घर बैठे वोट डालने की सुविधा
कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल 1961 की धारा 27ए में अनुपस्थित मतदाता श्रेणी के तहत घर बैठे मतदान की सुविधा दी जाती है। मतदाता की उम्र 85 साल या इससे अधिक होने, दिव्यांग मतदाताओं के लिए 40 फीसदी से अधिक अक्षमता होने या किसी अन्य अनिवार्य सेवा से जुड़े लोगों को होम वोटिंग का मौका दिया जाता है।
12 मई तक कर सकते हैं आवेदन
राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि 12 मई तक मतदाता होम वोटिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब तक करीब 97 हजार फार्म भरवाए जा चुके हैं। इनकी छंटनी के बाद योग्य मतदाताओं को होम वोटिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
निर्वाचन अधिकारी की अनुमति के बिना रूट नहीं बदलेंगे निरीक्षण दस्ते
- निष्पक्ष तरीके से लोकसभा चुनावों के आयोजन को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियों के बीच आयोग ने निरीक्षण दस्तों को बिना अनुमति रूट न बदलने के निर्देश जारी किए हैं। निरीक्षण दस्तों के वाहनों में जीपीएस बंद नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- निर्वाचन आयोग की ओर से विधानसभा स्तर पर निगरानी के लिए निरीक्षण दस्ते गठित किए गए हैं।
- निर्वाचन आयोग ने इन निरीक्षण दस्तों को सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि चुनाव प्रभावित न हो।
- इसके अलावा मुख्य मार्गों के साथ साथ संपर्क मार्गों पर निरंतर गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- निर्वाचन आयोग ने सूक्ष्म निरीक्षण दस्तों को संबंधित एसडीएम के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल में सुबह 7:00 से शाम के 6:00 बजे तक होगा मतदान
1 जून को हिमाचल में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए मतदान सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक होगा। शाम 6:00 बजे तक जितने मतदाता मतदान के लिए कतारों में लगे होंगे, उन सभी के वोट डलवाए जाएंगे। गर्मियों के मौसम को देखते हुए सुबह बीते विधानसभा चुनावों के मुकाबले मतदान के समय में दो घंटे की बढ़ोतरी की गई है। विधानसभा चुनाव 2022 में सर्दी के मौसम में हुए थे। तब मतदान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक हुआ था। समय में बढ़ोतरी से निर्वाचन आयोग को मतदान प्रतिशतता बढ़ने की भी उम्मीद है। दो घंटे अतिरिक्त समय मिलने से अधिक संख्या में लोग मतदान करने पहुंचेंगे, इतना ही नहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में दोपहर के समय तेज धूप में वोट डालने से भी लोग बचेंगे और सुबह और शाम को मतदान कर सकेंगे। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि प्रदेश में लोकसभा चुनावों के लिए लोग सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान कर सकेंगे।
दूध के पैकेट से मतदान जागरुकता
प्रदेश में चुनाव आयोग मतदाताओं को मत का प्रयोग करने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। आयोग की टीम स्वीप गतिविधियां ही नहीं नुक्कड़ नाटकों से भी लोगों को जागरूक कर रही है। अब लोगों को मत के प्रयोग के लिए जागरूक करने में नामी कंपनियां भी आगे आ गई हैं। प्रदेश में आने वाले नामी दूध, दही, पनीर के पैकेट पर भी मतदान की अपील की जा रही है। हाल ही में यह शुरुआत एक कंपनी की ओर से की गई है। दूध, दही, पनीर के पैकेट पर मतदान के आह्वान को लेकर स्टैंप लग रही है। इसमें ‘योअर वोट योअर वॉइस मार्क वोट ऑन 1 जून’ लिखा जा रहा है। हालांकि वोट डालने के लिए दूध के पैकेट में लगाई गई स्टैंप से कई लोग असमंजस में भी आ रहे हैं। वे केवल एक जून पढ़ रहे हैं। ऐसे में सोच रहे हैं कि एक्सपायरी तिथि को बदल दिया गया है।







