नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में सोमवार को उस समय भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सीएम केजरीवाल के पीए बिभव कुमार पर दुर्व्यव्हार का आरोप लगाया। पीसीआर कॉल के बाद स्वाति एफआईआर कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंची लेकिन बिना शिकायत दर्ज कराए वापस लौट गईं। वहीं मंगलवार को संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केजरीवाल ने इस घटना का संज्ञान लिया है और वे पीए बिभव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
सिंह ने मंगलवार को कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘कल सुबह मालीवाल अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर गई थीं। जब वह ‘ड्राइंग रूम’ (बैठक) में उनसे मिलने का इंतजार कर रही थीं, तभी बिभव कुमार ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यह बेहद निंदनीय घटना है। केजरीवाल ने इस घटना का संज्ञान लिया है और कड़ी कार्रवाई करेंगे। मालीवाल ने देश और समाज के लिए बहुत काम किया है। वह पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। हम उनके साथ हैं। पार्टी उन लोगों का समर्थन नहीं करती (जो महिलाओं का अपमान करते हैं)। पूरी घटना को केजरीवाल ने गंभीरता से लिया है।’
पुलिस तलाश रही विकल्प
मालीवाल शिकायत दर्ज कराने के लिए सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन गई थीं, लेकिन कुछ कॉल आने के बाद वह एफआईआर कराए बिना ही चली गईं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह वापस आएंगी लेकिन मंगलवार देर रात तक भी वह नहीं आईं। उन्हें सार्वजनिक तौर पर भी नहीं देखा गया है। पुलिस ने मालीवाल की शिकायत को ‘लंबित’ (पेंडिंग) के तौर पर मार्क किया है और फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस ने इस पर कानूनी राय मांगी है कि क्या वे डीडी (दैनिक डायरी) प्रविष्टि और पीसीआर कॉल के आधार पर मामले में आगे बढ़ सकते हैं। यह कई मामलों में अपनाया जाने वाला प्रोटोकॉल है।
स्वाति से नहीं हो पाया संपर्क
इस बीच, पुलिस अधिकारियों ने मामले पर चर्चा के लिए मंगलवार शाम को एक बैठक की। पुलिस ने कहा कि उन्होंने मालीवाल से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस सीएम आवास के बाहर से सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करने की प्रक्रिया में है। बिभव और स्वाति केजरीवाल के एनजीओ के दिनों से ही उनके साथ हैं। मालीवाल को इसी साल जनवरी में दिल्ली से राज्यसभा भेजा गया था। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, ‘एक महिला के खिलाफ हिंसा के बाद तुरंत गिरफ्तारी की जानी चाहिए थी।’







