Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

किसकी अगुआई में बनी थी पहली गठजोड़ सरकार, कैसे बनी और कितने दिन चली

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 7, 2024
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
Morarji desai
16
SHARES
544
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों के सात चरण के हाई वोल्टेज चुनाव अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दावे के साथ समाप्त किया कि जनता उन्हें लगातार तीसरी बार कार्यकाल देने जा रही है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने अभी तक अपने प्रधानमंत्री की घोषणा तक नहीं की है. लेकिन जब 4 जून को परिणाम आए तो वो बीजेपी और उसके समर्थकों के लिए हैरान करने वाले थे. जो बीजेपी लगातार तीसरी बार अपने दम पर सरकार बनाने का दम भर रही थी, वो बैकफुट पर नजर आई. बीजेपी को अपने दम पर 240 सीटें मिलीं लेकिन वो बहुमत के आंकड़े से काफी दूर रह गई. लेकिन उसके गठबंधन (एनडीए) ने 292 सीटें हासिल कर जरूरी 272 के आंकड़े को पार कर लिया.

1989 के बाद से 2014 तक लगातार लोकसभा में खंडित जनादेश आया और गठबंधन की सरकार रही हैं. गठबंधन की सरकार चलाना कोई हंसी खेल नहीं है. छह मौकों पर जब एक गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपा नेता ने गठबंधन की सरकार चलाई तो तो वे पूरे पांच साल का कार्यकाल नहीं निभा पाए. ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि देश में बनी पहली गठबंधन सरकार किसकी थी और यह कितने दिन चली. और अब तक देश में कितनी बार गठबंधन की सरकार बन चुकी है.

इन्हें भी पढ़े

Tax

आज से नया टैक्‍स कानून, बदल जाएंगे HRA समेत ये 10 नियम!

April 1, 2026
crude oil

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, फिर डीजल बिकता 193 रुपये लीटर, जानिए सस्ता क्यों?

April 1, 2026
RSS

संघ की वैचारिक यात्रा का ऐतिहासिक दस्तावेज ‘आरएसएस @100’

April 1, 2026
toll plazas

एक अप्रैल से नेशनल हाइवे और एक्‍सप्रेसवे पर सफर होगा महंगा, बढ़ जाएगा टैक्‍स

March 29, 2026
Load More

इंदिरा गांधी का चुनाव हुआ अमान्यइलाहाबाद हाई कोर्ट ने 12 जून, 1975 को फैसला सुनाया कि 1971 में लोकसभा के लिए इंदिरा गांधी का चुना जाना चुनावी धोखाधड़ी के कारण अमान्य किया जाता है. लगभग चार साल के बाद, अदालत ने उन्हें भ्रामक चुनावी तरीकों, ज्यादा चुनाव खर्च और राजनीतिक कारणों से सरकारी संसाधनों काे अनुचित इस्तेमाल को दोषी ठहराया. अदालत ने फैसला सुनाया कि उनकी संसदीय सीट खाली कर दी जाए और वह अगले छह साल तक किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकतीं. वह अब इस पद पर नहीं रह सकतीं क्योंकि संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री को लोकसभा या राज्यसभा में से किसी एक का प्रतिनिधित्व करना अनिवार्य है.

लगा दी थी इमरजेंसीइस फैसले से तिलमिलाई इंदिरा गांधी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के डर से देश में आपातकाल की घोषणा कर दी. हालांकि 1977 में, इंदिरा गांधी ने मतदाताओं को अपने नेतृत्व का बचाव करने का अवसर देने के लिए चुनावों की घोषणा की. इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल हटाए जाने के बाद, मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी गठबंधन सत्ता में आया. गांधीवादी नेता जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में, सहयोगी दल बाद में एकजुट होकर जनता पार्टी बन गए. इससे भारत में गठबंधन सरकार के गठन से गठबंधन राजनीति का युग शुरू हुआ.

मोरारजी बने पहले गैरकांग्रेसी पीएम 1977 में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की अगुआई वाली जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में कुल 13 दल शामिल थे. यह देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार थी. हालांकि, चौधरी चरण से मतभेदों के चलते वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और उन्होंने इस्तीफा दे दिया. मोरारजी देसाई 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक प्रधानमंत्री रहे. उनके बाद जनता दल (सेक्युलर) के चौधरी चरण सिंह 1980 में प्रधानमंत्री बने. हालांकि, वे भी कुछ समय तक ही पद पर बने रह सके. चौधरी चरण सिंह की सरकार अल्पमत में थी. उसे कांग्रेस का समर्थन मिला हुआ था, लेकिन जब लोकसभा में विश्वास मत हासिल करने की बारी आई तो कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया, जिससे सरकार गिर गई. चरण सिंह 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक प्रधानमंत्री पद पर रहे. देश में पहले आम चुनाव (1952) के बाद से 72 साल के संसदीय सफर में 31 साल गठबंधन सरकारों का दौर रहा है. एक फिर देश एक और गठबंधन सरकार का साक्षी बनेगा.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
nda

लोकतंत्र में सबकी जय होती है!

June 5, 2024
murder

पहले आंखों में झोंकी मिर्ची, फिर पैर से गला दबाया, पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को दी खौफनाक मौत !

July 1, 2025
Karnataka election

एकतरफा नहीं होगा कर्नाटक का चुनाव

April 22, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना
  • हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी
  • अमेरिका ही छोड़ सकता है NATO, जानिए वजह

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.