देहरादून : लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की वजह से लंबे समय बाद हुई धामी सरकार की कैबिनेट बैठक ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ा बड़ा फैसला किया है। सहकारी समितियों की प्रबंध कार्यकारिणी का आकार सदस्य संख्या के अनुसार सात से लेकर 21 तक हो सकता है। अब तक महिलाओं के लिए अधिकतम दो पद ही रहते थे।
आरक्षण की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। सचिव-मुख्यमंत्री शैलेश बगोली के अनुसार आरक्षण लागू होने से सहकारी समितियों में प्राथमिक से शीर्ष स्तर तक महिलाओं का होना अनिवार्य हो जाएगा। आरक्षण प्रबंध समिति के सदस्य के साथ-साथ सभापति के पद के लिए लागू होगा। सभापति के लिए आरक्षण का रोस्टर बनाया जाएगा।
तीन डीसीबी में बनेंगी महिला अध्यक्ष
सहकारी संस्थाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने से राज्य के तीन जिला सहकारी बैंकों में महिला अध्यक्ष बनने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। साथ ही विभिन्न शीर्ष सहकारी संस्थाओं में भी महिलाओं को कमान संभालने का मौका मिलेगा।
राज्य में वर्तमान में 10 डीसीबी है। शीर्ष संस्थाओं के रूप में राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, सहकारी संघ, आवास एवं निर्माण सहकारी संघ, उपभोक्ता सहकारी संघ, रेशम फेडरेशन, को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन, मत्स्य सहकारी संघ समेत 12 से ज्यादा संस्थाएं काम कर रही हैं।







