नई दिल्ली:18वीं लोकसभा का पहला मानसून सत्र तय समय से एक दिन पहले ही समाप्त हो गया। इसके बावजूद, इसने अपने विधायी लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिए। 22 जुलाई 2024 को शुरू हुआ यह सत्र नई लोकसभा के लिए शुरुआती बजट सत्र भी था। मूल रूप से 12 अगस्त 2024 को समाप्त होने वाला यह सत्र एक दिन पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।
खास बात यह रही कि संसद के दूसरे सदन राज्यसभा के सत्र को भी निर्धारित समाप्ति से एक दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान लोकसभा ने वित्त विधेयक समेत चार विधेयक पारित किए। इसके अलावा 12 नए विधेयक पेश किए गए, जिनमें से एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील वक्फ संशोधन विधेयक भी था। इस विधेयक की आगे की समीक्षा के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया गया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि पूरे सत्र में कुल 15 बैठकें हुईं, जो लगभग 115 घंटे चलीं। इससे पहले दिन में राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
क्या रही विपक्ष की भूमिका?
विपक्ष ने सत्र को समय से पहले समाप्त करने के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि यह संसदीय जांच से बचने का प्रयास है। हालांकि, उन्होंने प्रश्नकाल और बहस के दौरान एनईईटी पेपर लीक और किसानों और आम नागरिकों को प्रभावित करने वाली चिंताओं जैसे मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाया। अपनी आलोचनाओं के बावजूद, विपक्षी दलों ने कार्यवाही को बाधित न करने का विकल्प चुना, बल्कि चर्चा के दौरान अपनी चिंताओं को मुखरता से व्यक्त किया। इस दृष्टिकोण ने उन्हें विधायी प्रगति को बाधित किए बिना महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करने की अनुमति दी।
क्या है तय समय से पहले सत्र खत्म करने का कारण?
सरकार ने तय समय से पहले अपना एजेंडा पूरा करने के बाद सत्र को समाप्त करने का फैसला किया। इस फैसले से विपक्षी सदस्यों की ओर से अटकलें और आलोचनाएं शुरू हो गईं, जिन्हें लगा कि यह संसदीय चुनौतियों से बचने की एक रणनीति है। कुल मिलाकर, सत्र समय से पहले समाप्त हो गया, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण विधायी गतिविधि और सरकार तथा विपक्ष दोनों के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। हालांकि, समय से पहले स्थगन से निर्धारित विधायी कार्यों को पूरा करने में कोई बाधा नहीं आई।
धनखड़ और जया के बीच की तीखी बहस
दूसरी तरफ, संसद के दूसरे सदन राज्यसभा की बता करें तो, सभापति जगदीप धनखड़ और सांसद जया बच्चन के बीच हुई तीखी बहस समाप्ति को हवा देने में कारगर बताई जा रही है। हंगामा इतना बढ़ गया कि राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। एक दिन पहले ही राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।
वहीं, अब विपक्ष उपराष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्लानिंग में जुट गया है। सूत्रों से पता चला है कि 50 से अधिक विपक्षी सांसदों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67 (बी) के तहत एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।







