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Home दिल्ली

केजरीवाल से पहले ‘आप’ के इन नेताओं को भी मिल चुकी है जमानत वाली राहत

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 14, 2024
in दिल्ली, राजनीति
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arvind kejriwal, manish sisodia
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को जमानत मिल गई। केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं। आप नेता को यह राहत सुप्रीम कोर्ट ने दी है। केजरीवाल से पहले आप के कई बड़े नेताओं को इसी मामले में जमानत मिल गई है जिसमें मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, विजय नायर भी शामिल हैं। इसके अलावा तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को भी हाल ही में जमानत मिली है।

कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली आबकारी नीति 2021-22’ लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया।

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जांच एजेंसियों ने अदालत में दावा किया कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 आप के शीर्ष नेताओं द्वारा बनाई गई थी, ताकि लगातार अवैध धन कमा कर और उसे अपने पास लाया जा सके। दावा है कि यह नीति अवैध और आपराधिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए जानबूझकर कमियों के साथ बनाई गई थी।

इस नीति की वजह से पिछले दरवाजे से गुटबंदी को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही नीति में 12% का अत्यधिक थोक लाभ मार्जिन और 185% का भारी खुदरा लाभ मार्जिन दिया गया। ऐसा करने से AAP के शीर्ष नेताओं को व्यवसायियों से भारी रिश्वत मिली।

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने हाल ही में अदालत को बताया कि केजरीवाल घोटाले के सरगना हैं। एजेंसी के मुताबिक, केजरीवाल ने ‘साउथ ग्रुप’ से 100 करोड़ रुपये की मांग की थी। वहीं इस पैसे का एक हिस्से करीब 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल आप ने 2022 में हुए गोवा विधानसभा के चुनाव में किया था। इसके अलावा मामले की जांच कर रही सीबीआई और ईडी साउथ ग्रुप समेत कई आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर कर चुकी हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं उनमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता भी शामिल हैं।

अब जानते हैं किन आप नेताओं को राहत मिली?

संजय सिंह: राहत मिलने वाले बड़े आप नेताओं में सबसे पहला नाम आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का है। 4 अक्तूबर 2023 को दिल्ली शराब घोटाले में ईडी ने सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार किया था। शराब नीति घोटाले में संजय सिंह का नाम पहली बार दिसंबर 2022 में सामने आया था। तब ईडी ने आरोपपत्र में कारोबारी दिनेश अरोड़ा के बयान के हिस्से के रूप में आप नेता के नाम का उल्लेख किया गया था। एजेंसी ने दावा किया था कि दिनेश अरोड़ा ने उन्हें बताया कि वह शुरू में संजय सिंह से मिले थे, जिनके जरिए वह बाद में एक रेस्तरां में एक पार्टी के दौरान मनीष सिसोदिया से मिले।

आरोप पत्र में दावा किया गया कि संजय सिंह के कहने पर दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी फंड इकट्ठा करने के लिए सिसोदिया को पैसे देने की व्यवस्था की थी। अरोड़ा के हवाले से शिकायत में यह भी कहा गया था कि उन्होंने सिसोदिया से पांच-छह बार बात की और संजय सिंह के साथ केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की।

करीब 180 दिन बाद तिहाड़ जेल में बंद संजय सिंह के लिए राहत की खबर आई। उन्हें 2 मार्च 2024 को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आप नेता की ओर से दलील देते हुए कहा था कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। सिंघवी ने यह भी कहा कि ईडी संजय को गिरफ्तार करने में ‘आवश्यकता’ की कसौटी पर खरा नहीं उतरी। हालांकि, ईडी ने आप नेता की जमानत का विरोध न करते हुए ‘रियायत’ देने की मांग की।

मनीष सिसोदिया: 10 मार्च 2023 को ईडी ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। ईडी से पहले 26 फरवरी 2023 को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। दिल्ली शराब घोटाले में सीबीआई और ईडी ने सिसोदिया को आरोपी बनाया था। सीबीआई ने मनीष के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि दिल्ली में शराब नीति बनाते वक्त धांधली की गई।

करीब 17 महीने जेल में बंद रहने के बाद इसी 9 अगस्त को मनीष सिसोदिया को जमानत मिल गई। देश की सर्वोच्च अदालत ने सिसोदिया को जमानत दी। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने पूछा कि जांच पूरी हो गई तो ट्रायल शुरू क्यों नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि बिना ट्रायल के सजा नहीं दी जा सकती।

अरविंद केजरीवाल: आप को इसी साल लोकसभा चुनाव से पहले तब झटका लगा जब इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। 21 मार्च 2024 को शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। जब ईडी ने केजरीवाल को गिरफ्तार किया था, तब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दिल्ली की अदालत से कहा था कि पीएमएलए के तहत आरोपी होने के लिए किसी को पहले से तय अपराध में आरोपी होने की जरूरत नहीं है। अप्रैल में सीबीआई ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उनके वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि यह पूछताछ गवाह के तौर पर की गई थी, आरोपी के तौर पर नहीं। सीबीआई ने जब 2022 में शराब नीति मामले में हुए भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था, उसमें केजरीवाल को आरोपी नहीं बनाया गया था।

ईडी ने हाल ही में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया और केजरीवाल को कथित घोटाले का सरगना बताया। वहीं दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई ने भी 29 जुलाई को दाखिल अंतिम आरोपपत्र में केजरीवाल का नाम शामिल किया।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में लोकसभा चुनाव के लिए 1 जून तक अंतरिम जमानत दे दी। 2 जून को अंतरिम जमानत की मियाद पूरी होने के बाद सरेंडर किया था।

करीब डेढ़ सौ दिन जेल में बंद रहे अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार (13 सितंबर) को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री को सशर्त जमानत दे दी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई निकट भविष्य में पूरी होने की संभावना नहीं है। अदालत ने कहा कि आप नेता जमानत के लिए तीन मानदंडों को पूरा करते हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध माना लेकिन जस्टिस भुइयां ने इससे असहमति जताई और गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाए। हालांकि, न्यायालय ने यह भी कहा कि केजरीवाल इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे।

अन्य आप नेताओं का क्या हाल है?

सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर राष्ट्रीय राजधानी की आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर को जमानत दे दी। नायर करीब 23 महीने हिरासत में रहे। अदालत ने कहा कि ‘जमानत नियम है और जेल अपवाद है’ का सिद्धांत सही है। नायर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। नायर पर शराब कारोबारी समीर महेंद्रू के साथ मिलकर घोटाले में अन्य लोगों के साथ साजिश रचने का आरोप है।

ईडी ने 31 मई 2022 को दिल्ली के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने 24 अगस्त 2017 को सीबीआई की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर को आधार बनाकर सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की थी। एजेंसियों के आरोप हैं कि सत्येंद्र जैन ने 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 तक कई लोगों के नाम पर चल संपत्तियां खरीदी थीं। जिसका वे संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके थे। मई 2022 से सत्येंद्र जैन फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं लेकिन कई बार उन्हें अंतरिम जमानत मिली है।

प्रवर्तन निदेशालय ने 2 सितंबर को आप विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया था। बीते अप्रैल माह में ईडी ने वक्फ बोर्ड नियुक्ति मामले से जुड़े घोटाले के आरोप में अमानतुल्लाह से 13 घंटे पूछताछ की थी। अमानतुल्लाह पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते 32 लोगों की अवैध रूप से नियुक्ति का आरोप है। इसके अलावा, अवैध रूप से दिल्ली वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को किराये पर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने बोर्ड के धन का भी दुरुपयोग किया है, इसमें दिल्ली सरकार से मदद अनुदान शामिल है। अमानतुल्लाह फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं।

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