नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर लट्ठ गाड़ दी है। हरियाणा में जीत के बाद भाजपा एक बार फिर सत्ता कायम कर ली है। लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही भाजपा को इस बार 48 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस को 37 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। आईएनएलडी ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं 3 निर्दलीय विधायक भी चुने गए। अब नतीजों के बाद तीनों निर्दलीय विधायक- देवेंद्र कादयान, राजेश जून और सावित्री जिंदल ने भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस तरह हरियाणा विधानसभा में भाजपा की ताकत 51 की हो गई है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में गन्नौर विधानसभा से चुने गए विधायक देवेंद्र कादयान कहा, “मैं भाजपा सरकार को समर्थन दे रहा हूं। गन्नौर की 36 बिरादरियों ने मुझे वोट दिया है और उनकी उम्मीदें तभी पूरी हो सकती हैं जब मैं सरकार के साथ जाऊं। हम गन्नौर के विकास के लिए भाजपा का समर्थन करेंगे। मैं पहले भी भाजपा में था और यह सभी मेरे परिवार की तरह हैं। मैं पार्टी में शामिल नहीं हो रहा हूं, लेकिन सरकार का समर्थन करूंगा।” उल्लेखनीय है कि कादयान भाजपा के बागी हैं।
भाजपा पहले ही हरियाणा में जादूई आंकड़ा पार कर चुकी है, बावजूद इसके कादयान का यह समर्थन भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कादयान यह भी स्पष्ट किया कि उनका भाजपा में वापसी करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन गन्नौर की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वे सरकार के साथ रहेंगे।
वहीं बहादुरगढ़ से जीत हासिल करने वाले राजेश जून ने केंद्रीय मंत्री और हरियाणा प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के घर पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बडोली भी मौजूद थे। राजेश जून ने बहादुरगढ़ सीट से भाजपा उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की है।
दोनों विधायकों के अलावा हिसार से जीत दर्ज करने वाली भारत की सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल ने भाजपा को समर्थन देने का फैसला किया है। जिंदल मार्च में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी लेकिन पार्टी से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा। भाजपा को अपना समर्थन देने के मद्देनजर सावित्री जिंदल अपने बेटे और भाजपा सांसद नवीन जिंदल के साथ दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब से मुलाकात की।






