नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने विकिपीडिया को निर्देश दिया कि समाचार एजेंसी एएनआई की अवमानना याचिका से जुड़े मामले पर एकल पीठ व दो सदस्यीय पीठ द्वारा की गई टिप्पणियों को अपने पृष्ठ से 36 घंटे के अंदर हटाए।
हाई कोर्ट ने उक्त आदेश एएनआई की अवमानना याचिका पर एकल पीठ निर्देश के विरुद्ध विकिपीडिया की अपील याचिका पर दिया। सोमवार को अदालत ने एकल पीठ द्वारा लंबित मामले पर सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणी को अपने पृष्ठ पर पोस्ट करने पर नाराजगी व्यक्त की थी। मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
इस मामले की मुख्य बातें
- अदालत ने एकल पीठ द्वारा लंबित मामले पर सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणी को अपने पृष्ठ पर पोस्ट करने पर नाराजगी व्यक्त की थी।
- विकिपीडिया को निर्देश दिया कि समाचार एजेंसी एएनआई की अवमानना याचिका से जुड़े मामले पर एकल पीठ व दो सदस्यीय पीठ द्वारा की गई टिप्पणियों को अपने पृष्ठ से 36 घंटे के अंदर हटाए।
- अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
टिप्पणियां पेज से हटाने का दिया आदेश
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश मनमोहन व न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने विकिपीडिया की खिंचाई करते हुए पीठ ने कहा था कि आपको यह पृष्ठ (एएनआई बनाम विकिपीडिया शीर्षक) पेज को हटाना होगा।
पीठ ने कहा था कि एकल न्यायाधीश को डराया या धमकाया नहीं जा सकता। समाचार एजेंसी के विकिपीडिया पृष्ट पर मानहानिकारक संपादन करने वाले उपयोगकर्ताओं की जानकारी के प्रकटीकरण का विरोध करने पर अदालत ने सवाल उठाया। अदालत ने टिप्पणी की कि विकिपीडिया की प्रणाली किसी को बदनाम करने का मुखौटा नहीं हो सकती।







