प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली : दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और देरी की समस्या को खत्म करने के लिए दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने एक समर्पित सॉफ्टवेयर मॉड्यूल विकसित करने का ऐलान किया है, जो परियोजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा। यह कदम दिल्ली में जल आपूर्ति और सीवेज प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सॉफ्टवेयर मॉड्यूल का उद्देश्य
इस सॉफ्टवेयर मॉड्यूल के जरिए दिल्ली जल बोर्ड की सभी परियोजनाओं की दैनिक निगरानी होगी। यह प्रणाली प्रत्येक प्रोजेक्ट की प्रगति, समयसीमा, जिम्मेदार अधिकारियों और कार्य की स्थिति को ट्रैक करेगी। सॉफ्टवेयर देरी के कारणों की तुरंत पहचान करेगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा। इसका मुख्य लक्ष्य परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना, कागजी कार्रवाई को कम करना और डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना है।
सॉफ्टवेयर की विशेषताएं
रीयल-टाइम ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से हर परियोजना के चरण, प्रगति और समयसीमा की वास्तविक समय में निगरानी होगी। केंद्रीकृत पोर्टल सभी प्रोजेक्ट्स की जानकारी एक डिजिटल पोर्टल पर दर्ज होगी, जिसे अधिकारी कभी भी देख सकेंगे। संरचित वर्कफ्लो प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट चरण और जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी, जिससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा। पारदर्शिता और जवाबदेही यह सिस्टम सुनिश्चित करेगा कि देरी होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान तुरंत हो सके।
प्रवेश वर्मा का बयान
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, “दिल्ली की जनता को समय पर सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रोजेक्ट्स में देरी जनता के विश्वास को कमजोर करती है। इस सॉफ्टवेयर से हम हर योजना की रोज निगरानी करेंगे, जवाबदेही तय करेंगे और समय से पहले काम पूरा करेंगे। हमारा लक्ष्य है- पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम।”
परियोजनाओं की दक्षता बढ़ाने की दिशा
दिल्ली जल बोर्ड लंबे समय से पानी की आपूर्ति, सीवेज प्रबंधन और जल संकट जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पातीं, जिससे जनता को परेशानी होती है। दिल्ली में पानी की मांग 1290 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) है, जबकि DJB वर्तमान में केवल 1000 MGD पानी की आपूर्ति कर पाता है। इसके अलावा, लगभग 42-52% पानी चोरी या रिसाव के कारण बर्बाद हो जाता है।इस सॉफ्टवेयर का विकास इन समस्याओं को हल करने और परियोजनाओं की दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।
क्या है इसकी पहल !
प्रवेश वर्मा ने हाल ही में मानसून से पहले दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए साकेत में ड्रेन की सफाई का निरीक्षण भी किया, जो दर्शाता है कि उनकी प्राथमिकता जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। दिल्ली जल बोर्ड पहले से ही डिजिटल पहल जैसे ऑनलाइन बिलिंग, ‘DJB My Bill’ ऐप, और वाटर ATM जैसी योजनाओं पर काम कर रहा है।
इस सॉफ्टवेयर से न केवल प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ेगी, बल्कि जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। यह प्रणाली दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता लाएगी और अधिकारियों के बीच जवाबदेही को बढ़ावा देगी।इससे दिल्ली में पानी की आपूर्ति और सीवेज प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी।
जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव
प्रवेश वर्मा का यह निर्णय दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नया मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर न केवल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि जनता के बीच विश्वास भी बढ़ाएगा। यह तकनीकी नवाचार दिल्ली को जल संकट और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों से निपटने में एक नया आयाम दे सकता है।







