Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

अखिलेश यादव के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री का जवाब- “बोलने से रोटी पच रही तो भगवान करे पचती रहे” !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 1, 2025
in राज्य
A A
अखिलेश यादव और बागेश्वर धाम
17
SHARES
574
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


नई दिल्ली: अखिलेश यादव और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच विवाद उत्तर प्रदेश के इटावा में एक कथावाचक के साथ हुई मारपीट की घटना से शुरू हुआ। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथावाचकों की फीस पर टिप्पणी की और बिना नाम लिए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि “कुछ कथावाचक 50 लाख रुपये तक की फीस लेते हैं और धीरेंद्र शास्त्री “अंडर टेबल” (गुप्त रूप से) पैसे लेते हैं। इस बयान से राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया।

इन्हें भी पढ़े

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

BHU में जाति पूछकर सपा नेता ने ब्राह्मण छात्र को थप्पड़ मारा, केस दर्ज

April 2, 2026
aawas yojana

जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना

April 1, 2026
शराब

उत्तराखंड में आज से शराब महंगी, जानें नए रेट

April 1, 2026
गिरफ्तार

साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते प्रोवाइड कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

March 29, 2026
Load More

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया

लगभग एक महीने की विदेश यात्रा के बाद मध्य प्रदेश के छतरपुर लौटे धीरेंद्र शास्त्री ने अखिलेश के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा, “हमारे ऊपर टिप्पणी करने वालों की रोटी पच रही है, भगवान करें उनकी रोटी पचती रहे। हम तो सनातन के लिए जिएंगे और सनातन के लिए मरेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वे कठिनाइयों और आलोचनाओं को सहन करके आगे बढ़े हैं और उनका उद्देश्य हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति की सेवा करना है। शास्त्री ने इटावा की घटना को निंदनीय बताया और जातिवाद, क्षेत्रवाद व भाषावाद के आधार पर राजनीति करने की निंदा की।

इटावा कथावाचक मारपीट मामला

इटावा में एक कथावाचक के साथ मारपीट का मामला तब सामने आया जब उन पर अपनी जाति छिपाने और खुद को ब्राह्मण बताने का आरोप लगा। इस घटना ने जातिगत राजनीति को हवा दी, जिसके बाद अखिलेश यादव ने पीड़ित कथावाचक को सम्मानित किया और बीजेपी पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “यह घटना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाली है।”

अखिलेश पर बीजेपी का पलटवार !

बीजेपी ने अखिलेश के बयान को सनातन धर्म और साधु-संतों का अपमान करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश का बयान “मजहबी तुष्टिकरण” का हिस्सा है और इसका मकसद सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। बीजेपी नेताओं ने इसे समाज को बांटने की कोशिश बताया और कहा कि अखिलेश की टिप्पणियां उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगी।

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने जवाब में यह भी उल्लेख किया कि “उनकी विदेश यात्रा का उद्देश्य विश्व भर के हिंदुओं को एकजुट करना था। उन्होंने फिजी में बागेश्वर मठ के लिए जमीन मिलने की बात कही और अपने कैंसर अस्पताल प्रोजेक्ट के लिए दान की अपील की। उन्होंने कहा कि दक्षिणा (दान) न लेने पर उनके जैसे सामाजिक कार्य कैसे होंगे।

राजनीति में जातिगत और धार्मिक मुद्दे !

यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिगत और धार्मिक मुद्दों को उजागर करता है। अखिलेश यादव का बयान जहां बीजेपी पर हमले और कथावाचकों की फीस पर सवाल उठाने का प्रयास था, वहीं धीरेंद्र शास्त्री ने इसे सनातन धर्म पर हमले के रूप में लिया। बीजेपी ने इस मुद्दे को सपा के खिलाफ हथियार बनाया, इसे धार्मिक भावनाओं के खिलाफ और तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ा। इस बीच, सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गरम रहा, जहां दोनों पक्षों के समर्थकों ने अपने-अपने तर्क दिए।

धार्मिक और जातिगत संवेदनशीलता

यह पूरा मामला इटावा की घटना से शुरू होकर धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक बहस में बदल गया। अखिलेश यादव ने कथावाचकों की फीस और धीरेंद्र शास्त्री पर टिप्पणी कर बीजेपी को घेरने की कोशिश की, लेकिन शास्त्री और बीजेपी ने इसे सनातन धर्म के अपमान से जोड़कर पलटवार किया। यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक और जातिगत संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो भविष्य में भी चर्चा का विषय बना रह सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Corona virus

चीन जैसी कोरोना लहर से क्या भारत बच पाएगा?

December 29, 2022
जोरदार प्रदर्शन

छात्रों का जोरदार प्रदर्शन…बिहार के युवा जागे, डोमिसाइल नीति का हक मांगे !

June 6, 2025
इमैनुएल मैक्रॉन

तो फ्रेंच राष्ट्रपति भी हुए ड्रैगन के मुरीद?

April 3, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अब PF निकालना चुटकियों का काम, UPI से मिनटों में मिलेगा पैसा
  • राघव चड्ढा की कुर्सी क्यों छीन ली? इन वजहों की शुरू हुई चर्चा
  • एमएस धोनी जल्द कर सकते हैं मैदान पर वापसी?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.