नई दिल्ली: अमेरिका से करीब 20 बड़ी न्यूक्लियर कंपनियों का एक हाई लेवल डेलिगेशन इन दिनों भारत पहुंचा है. इसका मकसद भारत के साथ साझेदारी तलाशना और अमेरिकी न्यूक्लियर रिएक्टर बेचने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है. यह सब भारत के महत्वाकांक्षी न्यूक्लियर एनर्जी मिशन के तहत हो रहा है. भारत ने 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा है. अनुमान है कि यह पूरा बाजार करीब 280 से 300 अरब डॉलर का हो सकता है. दरअसल, भारत की परमाणु ऊर्जा दुनिया एक बार फिर वैश्विक निवेशकों को अपनी तरफ खींच रही है.
लगभग दो दशक पहले हुए ऐतिहासिक भारत-अमेरिका सिविल न्यूक्लियर समझौते से उम्मीद जगी थी कि भारत की ऊर्जा तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. लेकिन लंबे समय तक यह साझेदारी जमीन पर वैसी रफ्तार नहीं पकड़ सकी जैसी उम्मीद थी. अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं और इस बार अमेरिकी परमाणु उद्योग का कहना है कि भारत में कारोबारी माहौल आखिरकार उनके पक्ष में आता दिख रहा है.
क्या है SHANTI Act?
इस नई हलचल के केंद्र में भारत का नया कानून है जिसका नाम है SHANTI Act (यानी Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India.)
इस कानून ने भारत के न्यूक्लियर सेक्टर के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. खासतौर पर न्यूक्लियर हादसों की जिम्मेदारी से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदला गया है. माना जा रहा है कि यही बदलाव विदेशी कंपनियों को भारत की तरफ वापस ला रहा है. इस कानून से भारतीय निजी कंपनियों के लिए भी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का मालिक बनने और उन्हें चलाने का रास्ता खुल सकता है.
वॉशिंगटन डीसी स्थित न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टीट्यूट की प्रेसिडेंट और सीईओ मारिया कोर्सनिक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं. उन्होंने साफ कहा कि अब अमेरिकी परमाणु उद्योग भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है, लेकिन कुछ अहम शर्तें भी हैं.
उन्होंने कहा कि भारत के नए कानून ने निवेश के माहौल को काफी बेहतर बनाया है. उनके मुताबिक SHANTI Act में हुए बदलाव बहुत बड़े हैं और अगर अमेरिकी कंपनियां इससे संतुष्ट नहीं होतीं तो वे आज नई दिल्ली में मौजूद नहीं होतीं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियों का भारत आना इस बात का साफ संकेत है कि वे भारत के साथ व्यापार और साझेदारी को लेकर गंभीर हैं. उनके शब्दों में SHANTI Act ने भारत-अमेरिका के रिश्तों में एक नए दौर का दरवाजा खोल दिया है.







