प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
चाईबासा : आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा की बैठक महासभा कला एवं संस्कृति भवन हरिगुटू, चाईबासा में राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । जिसमें सांगठनिक कार्य एवं विस्तार तथा विभिन्न निष्क्रिय कमिटियों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया। साथ ही अगले माह 3 अगस्त को आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा का संस्थापक अध्यक्ष स्व० सामड के जयंती के अवसर पर रक्तदान शिविर कार्यक्रम आयोजन हेतु सहमति लिया गया । राज्य सरकार ने शिक्षक पात्रता नियमावली में ‘हो’ भाषा को पश्चिम सिंहभूम,सरायकेला-खरसांवाँ और पूर्वी सिंहभूम मात्र तीन जिला ही शामिल किया है। जिसमें आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई।

खूँटी, राँची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गुमला, दुमका सहित अन्य जिलों को भी शामिल करने माँग को लेकर क्षेत्र के विद्यायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन देने का प्रस्ताव लाया गया। विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम के समर्थन में भी चर्चा किया गया।
भाषा-संस्कृति एवं सांगठनिक मुद्दों पर चर्चा
‘हो’ भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लंबित माँग को लेकर गंभीरपूर्वक चर्चा हुई। जो सर्वसम्मति से दोलाबु दिल्ली 5.0 के तहत इस वर्ष भी आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा तत्वाधान में नई दिल्ली जंतर-मंतर में धरना देने तथा सेमिनार रखने का निर्णय लिया गया। इस मुद्दे पर आगामी 13 जुलाई को करंजिया, ओढ़िशा में ऑल इंडिया ‘हो’ लैंग्वेज एक्शन कमिटि के साथ कार्यक्रम तय करने का प्रस्ताव पास हुआ । इसके अलावे कई भाषा-संस्कृति एवं सांगठनिक मुद्दों पर चर्चा हुई ।
कौन-कौन रहे मौजूद ?
इस अवसर पर आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरा बिरूली, महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र पुरती, संयुक्त सचिव रवि बिरूली, धर्म सचिव सोमा जेराई, प्रदेश अध्यक्ष गोबिन्द बिरूवा, साहित्यकार सदस्य दांसर बोदरा, सदस्य लेबा गागराई, जिलाध्यक्ष शेरसिंह बिरूवा, पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष गोमेया सुंडी, सचिव ओएबन हेम्ब्रम, कोषाध्यक्ष सत्यव्रत बिरूवा, टोन्टो प्रखंड अध्यक्ष बिष्टुम हेस्सा, कुसुम केराई, सिकंदर तिरिया, टाटाराम सामड, सुरेश पिंगुवा, करन होनहागा, जगमोहन पुरती, योगेश्वर पिंगुवा, जगमोहन हेम्ब्रम, पवन बिरूवा, थॉमस बिरूवा, लक्ष्मी हेम्ब्रम, यशवंती सिंकू, सुशीला सिंकू आदि लोग मौजूद रहे।







