प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के मामले में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन शुरू किया। यह कोठी उतरौला क्षेत्र के मधपुर गांव में स्थित है और सरकारी जमीन (गाटा संख्या 337/370) पर अवैध रूप से बनाई गई थी। कोठी का निर्माण नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर दर्ज है, लेकिन जांच में पता चला कि इसका वास्तविक मालिक छांगुर बाबा था, जो इसे अपने अवैध धर्मांतरण रैकेट के संचालन के लिए इस्तेमाल करता था।
कार्रवाई न होने पर बुलडोजर एक्शन
मंगलवार सुबह 10:30 बजे प्रशासन की टीम तीन बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ कोठी पर पहुंची। कोठी का मुख्य गेट ताला बंद था, जिसे तोड़कर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह कोठी लगभग 3 बीघे जमीन पर बनी थी, जिसकी अनुमानित लागत 3 करोड़ रुपये थी।
प्रशासन ने पहले 15 मई, 26 मई और 6 जून को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर बुलडोजर एक्शन लिया गया।
छांगुर बाबा और अवैध धर्मांतरण
छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन पर गरीब और असहाय लोगों, खासकर हिंदू लड़कियों को लालच देकर या धमकाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। वह विभिन्न जातियों के लिए अलग-अलग रेट तय करता था।
यूपी ATS ने शनिवार (5 जुलाई) को छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ के एक होटल से गिरफ्तार किया। छांगुर पर 50,000 रुपये का इनाम था। जांच में खुलासा हुआ कि छांगुर ने विदेशी फंडिंग से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई, जिसमें आलीशान कोठी, शोरूम, और लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। उसने 40-50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की और 40 से अधिक बैंक खातों में मोटा लेन-देन किया।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका
कार्रवाई के दौरान SDM, CO, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कोई विरोध न हो। सोमवार (7 जुलाई) को जब प्रशासन नोटिस चस्पा करने और जमीन की पैमाइश के लिए पहुंचा, तो छांगुर की बहू और 25-30 अन्य लोगों ने विरोध किया, जिसके कारण पैमाइश नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसमें छांगुर और उसके गिरोह की संपत्तियों को जब्त करने और कठोर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई।
अवैध धर्मांतरण का नेटवर्क
छांगुर बाबा ने मुंबई के नवीन रोहरा और उनकी पत्नी नीतू को अपने जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया। नवीन को जमालुद्दीन और नीतू को नसरीन के नाम से जाना जाने लगा। वह चांद औलिया दरगाह के पास रहता था और “शिजर-ए-तैय्यबा” नामक पुस्तक के जरिए इस्लाम का प्रचार करता था। ATS की जांच में पता चला कि यह नेटवर्क पूरे भारत में फैला था, और मुरादाबाद, औरैया, आजमगढ़ जैसे शहरों में भी फंडिंग का लेन-देन हुआ।
अतिक्रमण पर योगी सरकार की सख्त नीति
यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने इसे “सुनियोजित साजिश” करार देते हुए छांगुर जैसे लोगों के लिए फांसी की सजा की मांग की। ATS ने छांगुर की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट ED को सौंपी, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू हो सकती है।
छांगुर बाबा की कोठी पर बुलडोजर एक्शन अवैध धर्मांतरण और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ योगी सरकार की सख्त नीति का हिस्सा है। यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माण को हटाने के लिए थी, बल्कि एक बड़े धर्मांतरण रैकेट को ध्वस्त करने का भी संदेश देती है। छांगुर और उसके सहयोगियों के खिलाफ जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई में उनकी अन्य संपत्तियों पर भी शिकंजा कसने की संभावना है।







