नई दिल्ली: कांवड़ मार्ग पर कांच फेंकने का रहस्य उजागर हो गया है. दिल्ली पुलिस ने एक ई-रिक्शा चालक का पता लगाया है. यह शख्स गाजियाबाद के शालीमार गार्डन से दिल्ली के सीमापुरी के पास स्थित सीलमपुर इलाके में गैस ग्लास ले जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी 19 गैस ग्लास रास्ते में ही टूट गए थे. ई-रिक्शा चालक की पहचान कुसुम पाल पुत्र रघुवीर सिंह के रूप में की गई है.
वो मूल रूप से दिल्ली के नंद नगरी का रहने वाला हैं. यह शख्स वर्तमान में वह डीएलएफ, गाज़ियाबाद (यूपी) में किराए के मकान में रह रहा है. चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. फिलहाल पुलिस द्वारा ई-रिक्शा के पूरा रूट, दोनों छोर और संभावित घटनास्थल की भी जांच की जा रही है. पुलिस इस बात की तस्दीक करने में जुटी है कि गैस ग्लास रास्ते में कैसे और किन परिस्थितियों में टूटे. यह भी जांच का विषय है कि क्या मामला केवल एक दुर्घटना है या इसके पीछे किसी और मंशा की संभावना है.
एलजी ने क्या कहा?
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कल रात पता चला कि दिलशाद गार्डन में लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क पर, नंगे पैर कांवड़ यात्रियों के रास्ते पर, बड़ी मात्रा में टूटे हुए कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे. पुलिस को मौके पर पहुँचने का निर्देश दिया गया और लोक निर्माण विभाग को तुरंत सड़क साफ़ करने के निर्देश दिए गए. लोक निर्माण विभाग ने दो घंटे के भीतर सड़क साफ़ कर दी. पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है. अपराध शाखा मामले की जाँच कर रही है.
दिल्ली पुलिस करेगी बेहद कड़ी कार्रवाई!
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस को इस संबंध में FIR पहले ही दर्ज कर ली थी. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 125 यानी लापरवाही से खतरा पैदा करना और धारा 299 यानी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने के तहत मुकदमा दर्ज किया था. शरारती तत्वों ने जीटी रोड पर टूटी बोतलों के टुकड़े बिखेर दिए. इस मामले ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की आशंका पैदा की, बल्कि कांवड़ की सुरक्षा को भी खतरे में डाला.
मंत्री कपिल मिश्रा ने क्या कहा था?
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कल यानी 12 जुलाई को सबसे पहले घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी थी. कहा गया कि यह शरारत सुनियोजित थी और इसका मकसद कांवड़ियों को नुकसान पहुंचाना था. मिश्रा ने लिखा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले का संज्ञान लिया है और लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा शरारती तत्वों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी. PWD के जूनियर इंजीनियर की शिकायत में कहा गया कि कांच के टुकड़े जानबूझकर बिखेरे गए. इसका मकसद श्रद्धालुओं को चोट पहुंचाना था. जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती थीं.







