प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
बालासोर: ओडिशा के बालासोर जिले में फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय की 20 वर्षीय बी.एड. द्वितीय वर्ष की छात्रा सौम्यश्री बिसी की आत्मदाह के बाद मौत ने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया है। छात्रा ने 12 जुलाई को कॉलेज के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष (HOD) समीर साहू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसने कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) में शिकायत दर्ज की थी, लेकिन उचित कार्रवाई न होने से आहत होकर उसने कॉलेज परिसर में खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे भुवनेश्वर के AIIMS में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिन तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद 14 जुलाई की रात उसकी मृत्यु हो गई।
छात्रा के पिता ने कहा कि “अगर ICC ने उनकी शिकायत की उचित जांच की होती, तो उनकी बेटी आज जीवित होती।” इस घटना ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और कॉलेज प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने इसे “संगठित हत्या” और “संस्थागत विश्वासघात” करार देते हुए राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है।
विपक्षी दलों का बंद
कांग्रेस, बीजू जनता दल (BJD), वामपंथी दल और अन्य छह विपक्षी दलों ने इस घटना के विरोध में 17 जुलाई को 12 घंटे का राज्यव्यापी बंद बुलाया। बंद का उद्देश्य छात्रा को न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ सजा, और सरकार से जवाबदेही की मांग करना था। कांग्रेस ने बालासोर के एसपी, कलेक्टर और उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है, जबकि BJD ने उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की मांग की है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को “सुनियोजित हत्या” करार देते हुए बीजेपी सरकार पर हमला बोला और कहा कि छात्रा को न्याय देने के बजाय उसे धमकाया और अपमानित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए।
कितना है बंद का असर ?
17 जुलाई को ओडिशा बंद का व्यापक असर देखा गया..सड़क और रेल यातायात प्रभावित: भद्रक में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोकीं, जबकि भुवनेश्वर में बसों का चक्काजाम किया गया। यात्रियों को पैदल जाना पड़ा।
दुकानें, बाजार, स्कूल, और कॉलेज बंद रहे। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही न्यूनतम थी। भुवनेश्वर में कई प्रमुख सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने अवरोध पैदा किए और टायर जलाए। नारेबाजी के साथ सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि बंद शांतिपूर्ण रहा, और कार्यकर्ताओं को हिंसा से बचने की हिदायत दी गई थी।
सरकार ने क्या दी प्रतिक्रिया!
ओडिशा सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष और HOD समीर साहू को गिरफ्तार कर लिया है। सरकार ने मृतका के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और जांच का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना पर दुख जताया, लेकिन विपक्ष ने इसे नाकामी बताया।
ओडिशा में सियासी भूचाल
यह घटना ओडिशा में सियासी भूचाल का कारण बनी है। कांग्रेस और BJD ने बीजेपी सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाते हुए पीएम मोदी पर सवाल उठाए, जिसका जवाब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी ओडिशा के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
बालासोर की इस दु:खद घटना ने ओडिशा में महिलाओं की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। विपक्षी दलों का बंद पूरे राज्य में प्रभावी रहा, जिससे सामान्य जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि, सरकार ने कार्रवाई शुरू की है, लेकिन विपक्ष की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।







