Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

वोटर अधिकार यात्रा… राहुल-तेजस्वी की एकता में दरार, बिहार की सियासत में बढ़ा तनाव !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 3, 2025
in राजनीति, राज्य
A A
Rahul-Tejaswi
14
SHARES
458
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
विशेष डेस्क


पटना: बिहार की राजनीति में हाल ही में संपन्न हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव के बीच कुछ तनाव पैदा कर दिया है। यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू होकर 1 सितंबर को पटना में समाप्त हुई, जिसमें कुल 16 दिनों में 1300 किलोमीटर की दूरी तय की गई और 20 से अधिक जिलों के लगभग 110 विधानसभा सीटों को कवर किया गया।

इन्हें भी पढ़े

नितिन नवीन

नितिन नबीन का विपक्ष पर हमला, बोले- युवा सिर्फ युवा है, Gen Z-Alpha में क्यों बांटा जा रहा

October 8, 2026
cm dhami

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर उत्तराखंड : CM धामी

October 8, 2026
Mamaji's journalism teaches

मामाजी की पत्रकारिता सिखाती है कलम का धर्म

October 7, 2026
पंजाब BJP अध्यक्ष

पंजाब BJP अध्यक्ष बोले, ‘AAP सरकार के भ्रष्टाचार का घड़ा भरा, इसका…’

October 7, 2026
Load More

यात्रा का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जागरूकता फैलाना था, लेकिन इससे महागठबंधन के अंदर स्वार्थों का टकराव उजागर हो गया। राहुल की प्रमुख भूमिका ने कांग्रेस को मजबूत बनाया, जबकि तेजस्वी को अपनी ब्रांडिंग खुद करनी पड़ी, जिससे दोनों के बीच अविश्वास की खाई बढ़ी।

क्या तेजस्वी को साइडलाइन किया !

यात्रा में राहुल गांधी ने नेतृत्व संभाला, जबकि तेजस्वी यादव ज्यादातर साथी की भूमिका में नजर आए। राहुल ने सभाओं में वोट चोरी, जातिगत जनगणना और आरक्षण जैसे मुद्दों पर जोर दिया, लेकिन तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरा बनाने से परहेज किया। इससे तेजस्वी को लगा कि कांग्रेस उन्हें ‘ड्राइविंग सीट’ नहीं देना चाहती। उदाहरण के लिए, नवादा में तेजस्वी ने राहुल को ‘प्रधानमंत्री’ घोषित किया, लेकिन पूर्णिया में राहुल ने तेजस्वी के सीएम दावे पर खामोशी साध ली।

मुजफ्फरपुर घटना ने बढ़ाया अविश्वास

28 अगस्त को मुजफ्फरपुर में यात्रा के दौरान राहुल के सिक्योरिटी गार्ड ने एक RJD विधायक को पीछे धकेल दिया। इस घटना ने महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए और RJD कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैला दी। यह छोटी-सी घटना भी दर्शाती है कि यात्रा के दौरान दोनों दलों के बीच समन्वय की कमी थी, जो स्वार्थों के टकराव को उजागर करती है।

पोस्टर विवाद ने गठबंधन को आमने-सामने ला दिया

यात्रा से पहले मोतिहारी और सीतामढ़ी जैसे स्थानों पर पोस्टर-बैनर लगाने को लेकर कांग्रेस और RJD आमने-सामने आ गए। कांग्रेस ने राहुल के बैनर के लिए अनुमति ली थी, लेकिन RJD समर्थकों ने हस्तक्षेप किया, जिससे मामला थाने तक पहुंचा। मेयर प्रीति गुप्ता पर धमकी देने का आरोप लगा। यह विवाद महागठबंधन के अंदर की खींचतान को साफ दिखाता है, जहां दोनों दल अपनी प्राथमिकता को ऊपर रख रहे थे।

तेजस्वी ने अंतिम चरण में खुद की ब्रांडिंग की

यात्रा के अंतिम चरण में, जब राहुल दिल्ली लौटे, तेजस्वी ने कमान संभाली और सभाओं में ‘ओरिजिनल मुख्यमंत्री बनाम डुप्लीकेट मुख्यमंत्री’ जैसे बयान देकर खुद को आगे बढ़ाया। इससे पहले, 2020 के चुनाव में RJD सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन कांग्रेस ने केवल 19 सीटें जीतीं। अब कांग्रेस 100 सीटों की मांग कर रही है, जिससे तेजस्वी को लगा कि राहुल उनकी महत्वाकांक्षा को कम कर रहे हैं। यह शह-मात का खेल दूरी बढ़ाने वाला साबित हुआ।

कांग्रेस की बढ़ी बार्गेनिंग पावर ने RJD को चिंतित किया

यात्रा से कांग्रेस की सौदेबाजी की ताकत मजबूत हुई, खासकर सवर्ण और दलित वोटरों पर फोकस से। RJD नेता मनोज झा ने कहा कि क्षेत्रीय दलों को ड्राइविंग सीट मिलनी चाहिए, लेकिन राहुल ने बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने पर जोर दिया। कन्हैया कुमार और पप्पू यादव जैसे स्थानीय चेहरों को साइडलाइन रखा गया, जो लालू परिवार के आरक्षण का परिणाम माना जा रहा है। इससे सीट शेयरिंग पर विवाद बढ़ सकता है, और तेजस्वी की चुनौतियां बढ़ गई हैं।

कुल मिलाकर, यात्रा ने विपक्षी एकता दिखाने का प्रयास किया, लेकिन आंतरिक टकराव ने राहुल-तेजस्वी के रिश्ते में दरार डाल दी। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में यह सीट बंटवारे और सीएम फेस पर असर डाल सकता है। हालांकि, दोनों ने सार्वजनिक रूप से एकजुटता का संदेश दिया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वार्थ टकराव से दूरी स्वाभाविक है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
opposition to unite

राष्ट्रीय गठजोड़ के फेर में विपक्ष न पड़े!

May 20, 2023
education

एक देश, अनेक शिक्षा प्रणालियाँ !

July 29, 2026
Field Marshal

60 साल बिना फील्ड मार्शल के कैसे चला मुल्क, क्या है मार्शल बनाने का मकसद !

May 27, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • नमो भारत कॉरिडोर से सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगी कला और संस्कृति की झलक
  • पीएम-उदय योजना को मिलेगी नई रफ्तार, दिल्ली में 65 करोड़ की ‘दृष्टि’ परियोजना को मिली स्वीकृति
  • नितिन नबीन का विपक्ष पर हमला, बोले- युवा सिर्फ युवा है, Gen Z-Alpha में क्यों बांटा जा रहा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.