Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

23 महीने के बाद अब जेल से छूटे आजम खान… मगर ये रिहाई कितने दिनों की मेहमान ?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 23, 2025
in राजनीति, राज्य
A A
Azam Khan
16
SHARES
522
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जेल से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान रिहा हो गए। वे लगभग 23 महीनों से जेल में बंद थे। यह रिहाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसलों का नतीजा है, जहां उन्हें कई मामलों में जमानत मिली। हालांकि, सवाल उठ रहा है कि क्या यह रिहाई लंबे समय तक चलेगी?

इन्हें भी पढ़े

5 राज्यों का चुनावी रण: बंगाल में ममता की अग्निपरीक्षा, असम में बीजेपी की हैट्रिक की चुनौती, दक्षिण में क्षेत्रीय दलों की साख दांव पर

March 15, 2026

बंगाल समेत 5 राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान आज!, कब होगा महासंग्राम?

March 15, 2026
pm modi

ब्रिगेड मैदान से पीएम मोदी का ऐलान–बंगाल में बदलाव की आंधी को अब कोई नहीं रोक सकता

March 15, 2026
haridwar kumbh mela

कुंभ से पहले सज-संवर रहा हरिद्वार, देखते रह जाएंगे श्रद्धालु

March 14, 2026
Load More

कब और कैसे रिहा हुए ?

आजम खान को सुबह करीब 7 बजे जेल से रिहा किया गया। मूल रूप से रिहाई सुबह 9 बजे निर्धारित थी, लेकिन कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने (फाइन) का भुगतान न होने के कारण इसमें कुछ घंटों की देरी हुई। जुर्माना चुकाने के बाद वे बाहर आए। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान और अदीब आजम खान समेत सैकड़ों समर्थक जेल के बाहर मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने धारा 163 (बीएनएसएस) के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में भीड़ जमा होने से रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए। रिहाई के बाद वे सीधे रामपुर के लिए रवाना हो गए और मीडिया से कोई बात नहीं की।

वे अक्टूबर 2023 से सीतापुर जेल में बंद थे। कुल 23 महीने की कैद के दौरान उनकी सेहत खराब होने की कई रिपोर्ट्स आईं, जिससे राजनीतिक विवाद भी हुआ।

जमानत कैसे मिली?

मुख्य केस और कोर्ट फैसलेआजम खान पर 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें जमीन हड़पने, जबरन बेदखली, सड़क अवरोध जैसे आरोप शामिल हैं। हाल के दिनों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें लगातार राहत दी।

कोर्ट का फैसला 10 सितंबर को रामपुर डुंगरपुर कॉलोनी जबरन बेदखली केस (2016) जमानत मिली (10 साल की सजा पर रोक) रद्द/जमानत। 18 सितंबर को क्वालिटी बार लैंड ग्रैब केस (2019, रामपुर) जमानत मिली (जस्टिस समीर जैन की बेंच) रद्द/जमानत। अन्य पुराने केस 17 साल पुराना सड़क अवरोध केस (2008) बरी (एक्विटल) बंद।

इन फैसलों के बाद सभी लंबित मामलों में जमानत मिल चुकी है। उनके वकील मोहम्मद खालिद ने कहा, “अब कोई ऐसा केस नहीं बचा जो उन्हें जेल में रख सके।” इससे पहले मई 2022 में भी वे जमानत पर बाहर आए थे, लेकिन 2023 में फिर गिरफ्तार हो गए।

रिहाई कितने दिनों की ‘मेहमान’?

वर्तमान में कोई लंबित केस नहीं है, इसलिए रिहाई स्थायी प्रतीत होती है। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, “झूठे मुकदमों में फंसाया गया था, कोर्ट ने न्याय किया।” सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर कोर्ट का आभार जताया और उम्मीद की कि भविष्य में कोई झूठा केस न दर्ज हो।

रामपुर पुलिस ने हाल ही में कुछ पुराने केस में IPC की धाराएं 420, 120B के अलावा नई धाराएं (7 साल से उम्रकैद तक की सजा वाली) जोड़ी हैं। इससे नई जमानत की जरूरत पड़ सकती है। सुनवाई 20 सितंबर को होनी थी, लेकिन रिहाई के बाद स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है।

रिहाई के बाद भी रामपुर और सीतापुर में हाई अलर्ट है। 25 गाड़ियों पर चालान काटा गया, जो भीड़ नियंत्रण का हिस्सा था।

समाजवादियों के लिए खुशी की बात : अखिलेश

समाजवादियों में खुशी का माहौल। अखिलेश ने कहा, “समाजवादियों के लिए खुशी की बात।” समर्थकों ने जुलूस निकाले। बीजेपी ने चुप्पी साधी, लेकिन कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में पुराने विवाद (जैसे मुजफ्फरनगर दंगे) दोहराए गए। कुल मिलाकर, यह रिहाई आजम खान के लिए बड़ी राहत है, लेकिन नए आरोपों की आशंका से “मेहमान” जैसी स्थिति बनी हुई है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Himachal Pradesh Election

हिमाचल : जनता ने तय किया 45 साल पुरानी परंपरा का भविष्य

November 12, 2022

कांग्रेस डोजियर भेजती थी, हम घर में घुसकर मारते हैं : पीएम मोदी

April 30, 2024
‘पद्म श्री’ डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल

प्रख्यात चित्रकार, लेखक और समर्पित शिक्षक डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल को मिला ‘पद्म श्री’ पुरस्कार

April 29, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • झंडेवाला देवी मंदिर में नवरात्रि महोत्सव हेतु व्यवस्थाओं की हुई घोषणा
  • नवरात्रि के दिन 51 मिनट हैं बहुत ही शुभ, इसी मुहूर्त में करें कलश स्थापना
  • ईरान जंग में खाड़ी के किस देश को हुआ कितना नुकसान?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.