अहमदाबाद. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली में हुए विस्फोट के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी जिससे दुनिया को यह संदेश जाएगा कि किसी को भी फिर कभी इस तरह के हमले के बारे में सोचने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए. शाह गुजरात के मेहसाणा जिले के बोरियावी गांव में श्री मोतीभाई आर चौधरी सागर सैनिक स्कूल और सागर ऑर्गेनिक प्लांट के उद्घाटन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया, “इस कायरतापूर्ण कृत्य को अंजाम देने वाले और इसके पीछे जो लोग हैं, उन सभी को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. भारत सरकार और गृह मंत्रालय इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.” उन्होंने विस्फोट के पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की.
पत्र सूचना ब्यूरो (पीआईबी)की विज्ञप्ति के अनुसार, शाह ने कहा, “इस आतंकवादी कृत्य के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कड़ी सजा दिलाने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा.” उन्होंने कहा, “दिल्ली आतंकवादी हमले के दोषियों को दी जाने वाली सजा से दुनिया को यह संदेश जाएगा कि हमारे देश में इस तरह के हमले के बारे में सोचने की भी किसी को हिम्मत नहीं करनी चाहिए.”
शाह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को पूरी दुनिया ने मान्यता दी है और प्रधानमंत्री वैश्विक स्तर पर इस लड़ाई का नेतृत्व करने में सबसे आगे हैं. दिल्ली में 10 नवंबर की शाम को लाल किले के पास शाम 6:52 बजे एक हुंदै आई20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. विस्फोट का प्रभाव इतना भीषण था कि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए तथा घटनास्थल से प्राप्त दृश्यों में क्षत-विक्षत शव और बिखरा हुआ मलबा दिखाई दे रहा था.
घटना के तुरंत बाद शाह ने घटनास्थल का दौरा किया था. उन्होंने अगले दिन 11 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा स्थिति की दो बार समीक्षा की. सूत्रों ने बताया कि पहली बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते शामिल हुए. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए.
बैठक के दौरान शीर्ष अधिकारियों ने विस्फोट के बाद की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं. सूत्रों ने बताया कि दोपहर की सुरक्षा समीक्षा बैठक में भी लगभग यही अधिकारी शामिल हुए. गृह मंत्रालय ने विस्फोट की जांच एनआईए को भी सौंप दी है. यह स्पष्ट संकेत है कि इस विस्फोट को सरकार ने आतंकवादी कृत्य माना है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच करने का अधिकार है. इस धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है.
गृह मंत्री ने कहा है कि शीर्ष जांच एजेंसियां विस्फोट की जांच कर रही हैं और वे घटना की तह तक जाएंगी. अधिकारियों ने बताया कि 10 नवंबर की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही एक कार में धमाका हुआ था. इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए. धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए







