नई दिल्ली: ड्रोन हमले के बढ़ते खतरे को देखते हुए देश के प्रमुख एयरपोर्ट पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह कदम दुनिया भर में बढ़ते तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बने हालात को देखते हुए उठाया जा रहा है। देखा गया है कि मॉडर्न वॉरफेयर में ड्रोन बहुत ही घातक हथियार साबित हुआ है। दिल्ली कार धमाके की जांच में भी इस बात की जानकारी सामने आई है कि जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी हमास के तरह से ड्रोन अटैक की साजिश भी रच रहे थे।
सिविल एयरपोर्ट पर लगेंगे एंट्री ड्रोन सिस्टम
एक रिपोर्ट के अनुसार देश के प्रमुख एयरपोर्ट पर जल्द ही एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। भारत में सिविल एयरपोर्ट को लेकर इस तरह की पहल पहली बार देखी जा रही है। इस मामले की जानकारी रखने वाले गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस मसले को लेकर कई बार उच्च-स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं।
गृह मंत्रालय की देखरेख में प्रोजेक्ट पर काम
गृह मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहा है। वहीं ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA), सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों के प्रधिनिधि शामिल हैं, जो इस योजना पर अमल का काम देख रहे हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सिस्टम के स्पेसिफिकेशन पर काम चल रहा है। एमएचए इसे देख रहा है और जब स्पेसिफिकेशन एक बार फाइल हो जाएगा, खरीद शुरू होगी।’
दिल्ली, मुंबई, श्रीनगर जैसे एयरपोर्ट पर फोकस
एक और अधिकारी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। शुरुआती फेज में दिल्ली, मुंबई, श्रीनगर, जम्मू और अन्य संवेदनशील एयरपोर्ट पर फोकस रहेगा, धीरे-धीरे यह सिस्टम अन्य एयरपोर्ट तक में भी लगा दिया जाएगा। अधिकारी के अनुसार, ‘स्पेसिफिकेशन तय हो जाने के बाद डेडलाइन फाइनल की जाएगी और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को हमारे क्राइटेरिया के अनुसार टेक्नोलॉजी इंस्टॉल करने को कहा जाएगा। देश के बाहर अन्य एयरपोर्ट पर कामयाब मॉडल की भी स्टडी की जा रही है।’
ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन ने की थी गुस्ताखी
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भारत ने आतंकी ठिकाने तबाह किए तो दुश्मन ने तुर्की में बने हल्के ड्रोन के झुंड भारतीय सीमा की ओर भेजकर परेशान करने की कोशिश की थी। तब भारतीय सेना ने उसके मंसूबे को सख्ती से चकनाचूर कर दिया था। लेकिन, साथ ही भविष्य में ऐसी चुनौतियों से निपटने की पुख्ता तैयारी रखने का विचार भी तैयार होना शुरू हो गया था।







