नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव अंतिम दौर में है। 14 दिसंबर यानी रविवार को यूपी चीफ के नाम का ऐलान हो जाएगा। इसके साथ ही पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि केंद्रीय मंत्री और मौजूदा प्रमुख जगत प्रकाश नड्डा के उत्तराधिकारी का चुनाव कब तक किया जाएगा।
यूपी भाजपा अध्यक्ष चुनाव की तैयारियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के प्रदेश संगठन चुनाव अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे ने गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए 13 दिसंबर, शनिवार को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच नामांकन दाखिल किए जाएंगे। यह काम केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की देखरेख में किया जाएगा।
इसके बाद 14 दिसंबर को केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल जनवरी 2024 में खत्म हो गया है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि भाजपा 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखनऊ के प्रस्तावित दौरे से पहले नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करने के मूड में है।
कौन चल रहा है आगे
यूपी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, पंकज चौधरी, निषाद समाज से आने वालीं साध्वी निरंजन ज्योति, वरिष्ठ नेता स्वतंत्रदेव सिंह, यूपी सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, अमरपाल मौर्य और विद्यासागर सोनकर का नाम होने की अटकलें हैं। हालांकि, इसे लेकर पार्टी ने आधिकारिक तौर पर पर कुछ नहीं कहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की तैयारी तेज
50 प्रतिशत संगठन इकाइयों के अध्यक्ष के चुनाव के बाद पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। पहले संभावनाएं जताई जा रही थीं कि भाजपा 16 दिसंबर को खरमास शुरू होने से पहले अध्यक्ष का चुनाव कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत भाजपा की तरफ से सुझाए नाम पर सहमति जता सकते हैं। हालांकि, संघ या पार्टी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की रेस में कौन
नड्डा के उत्तराधिकारी को लेकर लंबे समय से अटकलों का दौर जारी है। संभावनाएं जताई जा रही थीं कि बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद रेस में सबसे आगे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम है। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा नेता विनोद तावड़े के नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
कहा यह भी जा रहा था कि भाजपा दक्षिण भारतीय राज्य से चुन सकती है। हालांकि, उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन की जीत के बाद इसकी संभावनाएं कम नजर आ रही हैं। इधर, महिला नेताओं में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वानति श्रीनिवासन के नाम की चर्चाएं हैं।







