प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। सवाड़ गांव की 28 वर्षीय गर्भवती महिला पूजा की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन दिन तक चले इलाज और अस्पतालों के चक्कर के बावजूद पूजा को बचाया नहीं जा सका। यह मामला केवल एक महिला की मौत का नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर विफलता का प्रतीक बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूजा को प्रसव संबंधी जटिलताओं के चलते इलाज के लिए कई स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाया गया। इस दौरान कर्णप्रयाग, बागेश्वर और बैजनाथ में अल्ट्रासाउंड कराए गए। बैजनाथ अस्पताल को क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड और प्रसव सेवाओं के लिए भरोसेमंद माना जाता है, इसके बावजूद पूजा की स्थिति में समय रहते सुधार नहीं हो पाया।
रिशनल रिपोर्टर को दिए गए एक इंटरव्यू में बताया गया कि पूरे क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए 60 से 100 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। खराब सड़कें, सीमित संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर मामलों में समय पर उपचार नहीं मिल पाता। पूजा का मामला भी इसी व्यवस्था की कमी की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा अकेली ऐसी महिला नहीं है, जो इस समस्या से जूझ रही थी। उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों में आज भी गर्भवती महिलाओं को मूलभूत जांच और सुरक्षित प्रसव सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार अस्पताल बदलते-बदलते मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।
पूजा की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध होती, तो एक मां की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना में पूजा के नवजात बच्चे के सिर से मां का साया उठ गया, जबकि पति प्रमोद के साथ देखे गए पारिवारिक सपने अधूरे रह गए।
इस मामले ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रसूति सेवाओं को मजबूत किया जाए, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती हो और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल प्रभाव से सुधारा जाए।
फिलहाल, पूजा की मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पहाड़ के लोगों को आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी।







