नई दिल्ली। दिल्ली सरकार 2 मार्च को ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ की औपचारिक शुरुआत करने जा रही है. राजधानी के Indira Gandhi Indoor Stadium में ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ थीम के तहत आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) योजना का शुभारंभ करेंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना बेटियों की उच्च शिक्षा को मजबूत आर्थिक आधार देने के उद्देश्य से तैयार की गई है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई में बाधा न बने.
मुख्यमंत्री रेख गुप्ता के अनुसार, बढ़ती शिक्षा लागत और पेशेवर पाठ्यक्रमों की फीस को देखते हुए सरकार ने पहले से संचालित ‘लाडली योजना’ को संशोधित और विस्तारित स्वरूप में लागू करने का फैसला किया है. नई योजना के तहत पात्र बालिका के नाम पर विभिन्न चरणों में कुल 56,000 रुपये जमा किए जाएंगे. यह राशि ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक परिपक्व होकर 1 लाख रुपये से अधिक हो सकती है. हालांकि, मैच्योरिटी बेनिफिट पाने के लिए शैक्षणिक शर्तें पूरी करना अनिवार्य होगा, जिससे स्नातक या वोकेशनल डिप्लोमा को प्रोत्साहन मिल सके.
पुरानी और नई संरचना में बदलाव
वर्ष 2008 में शुरू की गई ‘लाडली योजना’ के तहत संस्थागत (हॉस्पिटल, आंगनवाड़ी केंद्र या अन्य सरकार प्रयोजित संस्था) जन्म पर 11,000 रुपये और घरेलू जन्म पर 10,000 रुपये जमा किए जाते थे. इसके अलावा कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश, कक्षा 10 उत्तीर्ण करने और कक्षा 12 में प्रवेश पर 5,000 रुपये की किस्त दी जाती थी. यह राशि 18 वर्ष की आयु पर ब्याज सहित निकाली जा सकती थी. नई ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ में जमा राशि और परिपक्वता आयु दोनों बढ़ा दी गई हैं. अब राशि 21 वर्ष की आयु पर परिपक्व होगी, जिससे छात्राओं को स्नातक स्तर की पढ़ाई के दौरान अधिक वित्तीय सहायता मिल सके. सरकार का दावा है कि संशोधित ढांचे से बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
डिजिटल प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर
सरकार ने योजना को पूरी तरह डिजिटल मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है. फंड प्रबंधन की जिम्मेदारी SBI Life Insurance Company Limited को सौंपी गई है. निवेश ‘एसबीआई लाइफ धनराशि साधन’ के अंतर्गत किया जाएगा. परिपक्वता राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी.
पात्रता की शर्तें
योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं है. परिवार को पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में निवासरत होना चाहिए और बालिका का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है. प्रति परिवार अधिकतम दो जीवित बालिकाएं ही पात्र होंगी. पंजीकरण जन्म के एक वर्ष के भीतर या निर्धारित शैक्षणिक चरणों पर कराया जा सकेगा. लाभ भारत में किसी भी सरकारी या यूजीसी मान्यता प्राप्त संस्थान में स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा कर रही छात्राओं को मिलेगा.
लंबित लाभार्थियों को डीबीटी के तहत भुगतान
कार्यक्रम के दौरान पूर्व ‘लाडली योजना’ के 40,642 लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की परिपक्वता राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की जाएगी. सरकार के अनुसार, यह भुगतान ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ पहल के तहत किया जा रहा है. इससे उन छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो निर्धारित आयु पूरी कर चुकी हैं. दिल्ली सरकार का मानना है कि ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ केवल वित्तीय सहायता योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव की पहल है. इसके जरिए बालिका जन्म, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को एक साथ बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, ताकि राजधानी में बेटियों का भविष्य अधिक सुरक्षित और सशक्त बन सके.







