नई दिल्ली। भाजपा इस समय बंगाल और केरलम विधानसभा चुनावों के लिए कैंडिडेट फाइनल कर रही है. बंगाल में 150 से ज्यादा कैंडिडेट फाइनल किए जाने की खबरें हैं. वहां ज्यादातर विधायकों को फिर से मौका दिया जा सकता है. हालांकि केरलम में ‘कमल’ खिलाने के लिए भाजपाई रणनीति को धार देना पड़ा है. यहां केंद्र सरकार में मंत्री और लोकसभा चुनाव लड़ने वाले दिग्गज नेताओं को भी विधानसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी है. गैर-हिंदी भाषी राज्य होने के कारण इसके पीछे की वजह लोकप्रिय चेहरे के जरिए माहौल बनाने की कोशिश हो सकती है.
संसदीय बोर्ड की एक बैठक गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई. इसमें पश्चिम बंगाल और केरलम विधानसभा चुनाव को लेकर दो हिस्सों में मंथन हुआ. केरलम संसदीय बोर्ड की बैठक शाम 5.30 बजे शुरू हुई और दो घंटे तक चली. मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएस येदियुरप्पा, राजीव चंद्रशेखर, केरल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. सुरेंद्रन, चुनाव सह-प्रभारी शोभा करंदलाजे, विनोद तावड़े, वी. मुरलीधरन और प्रकाश जावड़ेकर मौजूद थे.
प्राइवेट सर्वे से तय होंगे कैंडिडेट
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इस बैठक में राज्य की करीब 140 विधानसभा सीटों पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान टिकट बंटवारे, उम्मीदवारों के नाम, निजी एजेंसियों के चुनावी सर्वे और उनकी तुलना, रणनीति, केरलम की मौजूदा स्थिति और घोषणापत्र पर चर्चा हुई. साफ है कि कैंडिडेट्स की लिस्ट फाइनल करने में प्राइवेट सर्वे की अहम भूमिका होगी.
केरलम में भाजपा का प्लान
- इस बार भगवा दल की प्राथमिकता सूची में 20 प्रतिशत महिलाएं, 25 प्रतिशत युवा और नए चेहरे हो सकते हैं.
- सूत्रों की मानें तो ईसाई वोट बैंक को लुभाने के लिए जॉर्ज कुरियन को टिकट मिल सकता है. कोट्टयम जिले के रहने वाले कुरियन सुप्रीम कोर्ट के वकील रहे हैं.
- 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद उन्होंने 11 जून 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्य किया है.
दो दिग्गजों के टिकट तय!
हां, सूत्रों ने आगे बताया है कि BJP अपने दिग्गज नेता और पूर्व अध्यक्ष के. सुरेंद्रन को केरल के मंजेश्वर से टिकट दे सकती है. वहीं, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को तिरुवनंतपुरम के नेमोम से टिकट मिल सकता है. चंद्रशेखर पिछली सरकार में केंद्र में मंत्री रहे हैं.
खबर है कि चुनाव आयोग के इलेक्शन कार्यक्रम की घोषणा करने के बाद भाजपा उम्मीदवारों की सूची दो हिस्से में जारी करेगी. सूत्रों ने बताया कि भाजपा केरलम में 100 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी सीटों पर भारत धर्म जन सेना (BDJS) और अन्य दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी.
अब आगे तमिलनाडु और असम चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 15 से 17 मार्च के बीच एक और संसदीय बोर्ड की बैठक होने वाली है. इसी महीने विधानसभा चुनाव की घोषणा भी हो सकती है.






