नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘NXT समिट’ में 1930 के दौरान हुए महात्मा गांधी के दांड़ी मार्च को याद किया. इस दौरान उन्होंने उस ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए वर्तमान भारत की दिशा स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि जिस तरह गांधी जी ने दांडी मार्च के जरिए देश के हर कोने को भारत की आजादी के लक्ष्य के साथ जोड़ा था. उसी तरह आज हम भारतीय ‘विकसित भारत’ के निर्माण की एक नई यात्रा पर निकल पड़े हैं. साथ ही पीएम मोदी ने खाड़ी में चल रही जंग को पूरी दुनिया के लिए संकट बताया और शांति और सब्र के साथ इस हालात से निपटने की सलाह दी.
PM मोदी ने क्या कहा?
NXT समिट के दौरान अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “12 मार्च, 1930 को महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से दांडी मार्च शुरू किया था. यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक अहम मोड़ था. इस यात्रा ने देश के हर कोने को एक ही लक्ष्य के साथ जोड़ा: भारत की आज़ादी. आज, उस ऐतिहासिक यात्रा के लगभग 100 साल बाद, हम भारतीय एक नई यात्रा पर निकल पड़े हैं. यह यात्रा एक विकसित भारत की ओर है. हमारा लक्ष्य एक है, हमारी मंजिल एक है: विकसित भारत…”
‘दांडी मार्च’ की शुरुआत क्यों हुई थी?
12 मार्च, 1930 का दिन इतिहास के पन्नों में एक खास स्थान रखता है. इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक ‘दांडी मार्च’ की शुरुआत की थी. ये आंदोलन नमक सत्याग्रह के रूप में शुरू हुआ था, जो केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि इसने पूरे भारत को गुलामी की जंजीरों से तोड़ने के लिए एक साथ ला दिया था. आज करीब 100 साल बाद, PM मोदी ने इस ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि आज देश ‘विकसित भारत’ के निर्माण की एक नई यात्रा पर बढ़ रहा है.
देश के विकास में चुनौतियां
इस दौरान पीएम मोदी ने देश के विकास में आने वाली चुनौतियों की बात की. उन्होंने कहा कि, “किसी देश के विकास में एक बड़ा आधार यह है कि हम चुनौतियों का मुकाबला कैसे कर रहे हैं. हम सब जानते हैं कि वैश्विक परिस्थितियां अचानक बदलती हैं. हाल के सालों में, हमने COVID-19 देखा, फिर रूस-यूक्रेन संकट और अब हमारे बहुत करीब एक और बड़े युद्ध चल रहा है. इस युद्ध ने पूरी दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट में डाल दिया है. ऐसे मुश्किल हालात में, हम एक देश के तौर पर कैसे जवाब देते हैं, यह बहुत जरूरी है. संकटकाल पूरे देश के लिए एक परीक्षा होती है.
हमें शांति और सब्र के साथ हालात से निपटना चाहिए. हमें लोगों का भरोसा बढ़ाकर और लोगों में जागरूकता फैलाकर आगे बढ़ना चाहिए, और इसमें सभी की भूमिका है. हर राजनीतिक पार्टी, मीडिया, सामाजिक संस्थाओं, इंडस्ट्री, युवा, गांव और शहर सभी की अहम भूमिका है. हमने COVID-19 महामारी के दौरान देखा है कि जब सब मिलकर काम करते हैं, तो देश की मुश्किलों से उबरने की क्षमता तेज़ी से बढ़ती है. आज, देश एक और चुनौती का सामना कर रहा है, और हमें इसका सामना करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. हमें देश के हितों को सबसे ऊपर रखते हुए अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करनी चाहिए.”







