प्रकाश मेहरा
विशेष डेस्क
नई दिल्ली: राज्यसभा में कार्यकाल पूरा कर रहे 59 सांसदों की विदाई के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक और दिलचस्प अंदाज़ में सभी सदस्यों के योगदान की सराहना की। इस दौरान सदन का माहौल गंभीर होने के साथ-साथ हल्का-फुल्का भी देखने को मिला।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “राजनीति में कभी फुलस्टॉप नहीं होता, यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।” उन्होंने सभी विदा हो रहे सांसदों के कार्यों को लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग पर पीएम मोदी ने शायराना अंदाज़ में भी अपनी बात रखी। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं शायर नहीं हूं, ये काम तो इमरान प्रतापगढ़ी जी का है,” और फिर हल्की-फुल्की शायरी सुनाकर सदन में तालियां बटोरीं।
पीएम मोदी ने रामदास अठावले का जिक्र करते हुए चुटकी भी ली, जिससे सदन में हंसी का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि अठावले जी का अंदाज़ हमेशा सदन को जीवंत बनाए रखता है। यह विदाई समारोह न केवल औपचारिक रहा, बल्कि इसमें आपसी सम्मान, राजनीतिक परिपक्वता और मानवीय जुड़ाव की झलक भी देखने को मिली।







