नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, होर्मुज में तनाव की स्थिति के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों काफी इजाफा हुआ है। भारत सरकार ने आम जनता की जेब पर इस संकट का असर कम पड़े इसलिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये घटा दिया है। अब कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
शुक्रवार को कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, कीमतें डीलरों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक जैसी ही हैं। उन्होंने कहा, राहत सिर्फ कहने की बात वास्तविकता में कोई राहत नहीं है। सरकार को उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।
डीलर और उपभोक्ताओं के लिए एक जैसी कीमत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, अगर आपने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट की खबरें पढ़कर आपने सोचा कि सरकार ने आपकी जेब को राहत दी है, तो आप गलत हैं। उन्होंने आगे कहा, फिलहाल कीमतें डीलरों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक जैसी ही हैं।
‘तेल कंपनियों को दी गई छूट’
पवन खेड़ा ने आगे कहा, वास्तव में जो कमी आई है ‘विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ पर है, जो तेल कंपनियों द्वारा सरकार को दिया जाने वाला शुल्क है। उन्होंने कहा, विशेष और अतिरिक्त शब्द ही बताते हैं कि यह कर कितना अनावश्यक है।
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट करते हुए कहा, पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल कंपनियां घाटे का सामना कर रही हैं। सरकार ने अब सिर्फ विशेष अतिरिक्त शुल्क को कम करके उस बोझ का एक छोटा सा हिस्सा साझा करने पर सहमति जताई है।
‘उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ दे सरकार’
सरकार को निशाने पर लेते हुए पवन खेड़ा ने कहा, फिलहाल सरकार का यह कदम सिर्फ कहने की बात है, वास्तविकता में नहीं। उन्होंने कहा, सुर्खियां गढ़ने और लोगों को बेवकूफ बनाने के बजाय, सरकार को उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।
पेट्रोल-डीजल पर सरकार ने क्या कहा?
- सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में लगभग 60 दिन का तेल भंडार है और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था कर ली गई है।
- सरकार ने कमी की खबरों को ‘जानबूझकर फैलाया गया ‘गलत सूचना अभियान’ बताया, जिसका उद्देश्य लोगों में घबराहट पैदा करना और खरीदारी को बढ़ावा देना है।
- सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने भी कहा कि पेट्रोल, डीजल या तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
- पेट्रोल पंप को दी जाने वाली ऋण राशि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर तीन दिन से अधिक करने के लिए कदम उठाए गए हैं, ताकि पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो।







