Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

दिल्‍ली के मुंडका में लगा देश का पहला बैरियर लेस टोल?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 15, 2026
in दिल्ली, राष्ट्रीय
A A
toll plazas
17
SHARES
561
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दिल्‍ली में मुंडका-बक्‍करवाला टोल प्‍लाजा को हाल ही में देश का पहला पूर्ण बैरियर लैस टोल बनाया गया है। यानी अब गाड़ियों को टोल पर न बैरियर मिलेगा, न लंबी लाइन, न इंतजार और न रुकने की जरूरत पड़ेगी। टोल टैक्‍स भी अपने आप कट जाएगा।

इससे पहले बैरियर लैस टोल का पायलट प्रोजेक्‍ट सूरत में लागू किया गया था। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह क्‍या तकनी है, इसमें क्‍या खास है? आइए हम आपको बताते हैं पूरा सिस्‍टम…

इन्हें भी पढ़े

Narendra Modi

PM मोदी ने अमेरिका–ईरान शांति समझौते का किया स्वागत, क्षेत्रीय स्थिरता पर जताई उम्मीद

June 15, 2026
cm rekha gupta

यमुना को स्वच्छ बनाने CM रेखा गुप्ता ने संभाली सफाई अभियान की कमान

June 14, 2026
भारत का व्यापार

सरकार बढ़ाने वाली है यह डेडलाइन, मिडिल ईस्‍ट संकट के बीच लेगी बड़ा फैसला

June 14, 2026
rocket vikram-i

अंतरिक्ष में इतिहास रचने की तैयारी, भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-I’ उड़ान भरने को तैयार

June 14, 2026
Load More

दिल्‍ली में नए मल्‍टी लेन फ्री फ्लो (Multi-Lane Free Flow – MLFF) बैरियरलेस टोल प्लाजा का शुभारंभ किया है। देश की राजधानी में यह पहला बैरियरलेस सिस्‍टम है। आने वाले समय में यह सिस्‍टम अन्‍य शहरों में भी शुरू किया जाएगा। इससे सफर आसान होगा और ईंधन की भी बचत होगी। – नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री

पारंपरिक टोल से कैसे अलग है?

देश में अभी सामान्‍य टोल प्‍लाजा पर गाड़ियों को रुकना पड़ता है। फिर बैरियर हटने का इंतजार करना पड़ता है और जब बैरियर हटता है तब वाहन निकल पाता है। इसके उलट मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में कोई बैरियर नहीं होता। वाहन अपनी सामान्य गति (लेन स्पीड लिमिट) से प्लाजा से गुजर सकते हैं और टोल टैक्स अपने आप कट जाता है।

यह सिस्‍टम कैसे काम करता है?

बैरियरलेस टोल यानी मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में ‘हाई-स्पीड ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ कैमरे और उन्नत आरएफआईडी रीडर्स का उपयोग होता है। जैसे ही वाहन गुजरता है तो सेंसर फास्टैग और नंबर प्लेट को स्कैन कर वॉलेट से पैसे काट लेते हैं। यह इतनी तेजी से होता है कि वाहन धीमा करने की जरूरत नहीं पड़ती।

क्‍या यह अंधेरे और कोहरे में काम करेगा?

बैरियरलेस टोल प्लाजा सिस्‍टम में उपयोग किए जाने वाले कैमरे ‘इन्फ्रारेड’ तकनीक से लैस होते हैं। ये कैमरे रात के अंधेरे, भारी बारिश या घने कोहरे में भी नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर सकते हैं। इनकी एक्यूरेसी 99 प्रतिशत से अधिक है।

क्‍या सिर्फ राजधानी में लागू होगा या पूरे देश में?

गडकरी के मुताबिक, अभी यह राजधानी में लागू हुआ है। इस साल के अंत तक लगभग 25 और नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर इस सिस्टम को लागू करने की तैयारी है।

वाहन मालिकों-कंपनियों को क्या फायदा है?

  • वाहन मालिकों के समय व ईंधन की बचत होती है। टोल कंपनियों की लागत में 4% तक की कमी आती है।
  • इसके अलावा, ट्रैफिक जाम कम होगा। कार्बन उत्सर्जन घटता है।

क्‍या FASTag अभी भी जरूरी रहेगा?

भारत में यह सिस्टम फिलहाल FASTag के साथ ही काम करेगा। कैमरे नंबर प्लेट पहचानते हैं, लेकिन भुगतान मुख्य रूप से FASTag लिंक्ड अकाउंट से ही होगा।

फास्टैग न हो या उसमें बैलेंस न हो तो क्या होगा?

  • अगर किसी के फास्टैग में बैलेंस कम है, तो 72 घंटे का ई-नोटिस जाता है। भुगतान न करने पर दोगुना टोल वसूला जा सकता है।
  • फास्टैग न होने पर ये नंबर प्लेट से वाहन निकाल लेता है और तय प्रक्रिया के अनुसार चालान भेजा जाता है।

नियम तोड़ने वालों के साथ क्‍या होगा?

ऑटोमेटिक नंबर प्‍लेट रिकॉग्नाइजेशन कैमरे चोरी की गाड़ी, ब्लैकलिस्टेड वाहन या लंबित चालान वाले वाहनों की पहचान भी कर सकते हैं। हर वाहन का एंट्री टाइम, लेन, नंबर प्लेट और टोल भुगतान रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सेव होता है।

अभी यह किन देशों में लागू है?

भारत से पहले यह तकनीक अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह पहले से इस्तेमाल हो रही है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Sunita Williams

Sunita Williams Return: स्पेस से रवानगी से समंदर में लैंडिंग तक… देखिए पूरी रिपोर्ट

March 19, 2025
कृष्ण की जन्मस्थली

श्री कृष्ण की जन्मस्थली गोकुल से वृंदावन तक यमुना में जल्द चलती नजर आएंगी सोलर बोट्स

April 28, 2025

जेएनयू की दीवारों पर फिर लिखे गए आपत्तिजनक नारे

October 3, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अकाल तख़्त ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ और ‘गुरु दोषी’ करार दिया
  • जेवर (नोएडा इंटरनेशनल) एयरपोर्ट पर यात्री उड़ानों की शुरुआत, पहले विमान का वाटर कैनन सैल्यूट से स्वागत
  • PM मोदी ने अमेरिका–ईरान शांति समझौते का किया स्वागत, क्षेत्रीय स्थिरता पर जताई उम्मीद

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.