मुंबई : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे फर्जीवाड़े के बीच महाराष्ट्र साइबर ने एक बड़ा एक्शन लिया है. इंस्टाग्राम पर नकली भारतीय मुद्रा (FICN) बेचने और प्रमोट करने वाले कई अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. इस मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जबकि बाकी की तलाश जारी है.
महाराष्ट्र साइबर टीम को हाल ही में कुछ इंस्टाग्राम अकाउंट्स के बारे में जानकारी मिली, जो नकली भारतीय करेंसी नोट्स (Fake Indian Currency Notes – FICN) को बढ़ावा दे रहे थे. ये अकाउंट्स रील्स और अन्य पोस्ट के जरिए लोगों को लालच दे रहे थे. इनमें यह दावा किया जा रहा था कि कम पैसे में ज्यादा रकम हासिल की जा सकती है.
शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल लोगों को ठगने और गैरकानूनी लेनदेन में फंसाने के लिए रचा गया था. इसके बाद महाराष्ट्र साइबर ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू की. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ये फर्जी नोटों का नेटवर्क सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध संगठित अपराध से भी हो सकता है.
नकली नोटों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और अन्य आर्थिक अपराधों में किया जाता है. ऐसे में यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि देश की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि एजेंसियों ने इसे हाई-प्रायोरिटी केस मानते हुए तेजी से जांच शुरू की. फिर महाराष्ट्र साइबर ने इन अकाउंट्स की पहचान की.
इसके बाद IT Act, 2000 की धारा 79(3)(b) के तहत नोटिस जारी किए. इन नोटिसों में इंस्टाग्राम अकाउंट्स से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 94 के तहत अकाउंट होल्डर्स की जानकारी मांगी गई. इस कार्रवाई के जरिए आरोपियों की पहचान करने और उनके नेटवर्क को ट्रैक करने की कोशिश की गई.
महाराष्ट्र साइबर को जांच के दौरान जो जानकारी और खुफिया इनपुट मिले, उसके आधार पर कुल चार FIR दर्ज की गईं. इनमें से दो FIR महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गईं. FIR नंबर 35/2025 और FIR नंबर 17/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और IT Act की धारा 66(D) के तहत केस दर्ज किया गया. इन धाराओं में धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
इसके अलावा महाराष्ट्र साइबर द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर दो और FIR स्थानीय पुलिस स्टेशनों में दर्ज की गईं. बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 236/2026 दर्ज की गई, जबकि जलगांव जिले के मुक्ताईनगर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 122/2026 दर्ज हुई. इन मामलों में भी BNS और IT Act की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. इससे साफ है कि यह नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ था.
इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम राहुल अनिल पवार और योगिता हितेश भोसले हैं. दोनों पर आरोप है कि वे इंस्टाग्राम के जरिए नकली नोटों की बिक्री और प्रचार में शामिल थे. फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरोह से और भी लोग जुड़े हो सकते हैं.
महाराष्ट्र साइबर की टीमें अब अन्य आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों की पहचान में जुटी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. संदिग्ध अकाउंट्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए लगातार टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है.
महाराष्ट्र साइबर ने साफ किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाले ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी तरह के लालच या फर्जी ऑफर से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. महाराष्ट्र साइबर, जो राज्य में साइबर मामलों के लिए नोडल एजेंसी है, लगातार डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही है. इस तरह की कार्रवाई से साफ संदेश है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.






