Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home व्यापार

चीन का टूटेगा दबदबा! भारत का $38 अरब का ‘बैटरी मिशन’ तैयार

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 15, 2026
in व्यापार
A A
Battery
23
SHARES
755
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारत सरकार देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और एनर्जी स्टोरेज योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ‘अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ बैटरी मैन्युफैक्चरर्स (ALBM)’ बनाने की एक योजना पर काम कर रही है। इसके तहत सरकारी बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में अब सिर्फ इस लिस्ट में चुनी हुई और मंजूर की गई कंपनियों की बैटरियां ही इस्तेमाल की जाएंगी। मंगलवार को मिंट ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

यह कदम सोलर सेक्टर में पहले से लागू इसी तरह की व्यवस्था जैसा है। इसका मकसद भारत में ही बैटरी बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देना और विदेशों से बैटरी मंगाने पर निर्भरता को कम करना है।

इन्हें भी पढ़े

कितना सही है स्मॉल सेविंग्स स्कीम में पैसा लगाना? जानिए फायदे और नुकसान

April 15, 2026
lpg gas

लंबा चलेगा LPG का संकट! सप्लाई बहाल होने में लग सकते हैं 3-4 साल

April 15, 2026

ईरान टेंशन के बीच लगा एक और करंट, लगातार 5वें महीने देश में बढ़ी महंगाई

April 14, 2026
kar saathi

आ गया नया ‘कर साथी’, जो चुटकियों में भरवाएगा आपका ITR

April 12, 2026
Load More

रिपोर्ट में दो सूत्रों के हवाले से बताया गया कि भारत सरकार आने वाले वित्त वर्ष में अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ बैटरी मैन्युफैक्चरर्स (ALBM)’ का पूरा खारा और इसके साथ ही लोकलाइजेशन के ड्राफ्ट नियम जारी कर सकती है। इसके साथ ही सरकार कंपनियों और यूजर्स के लिए एक चरणबद्ध टाइमलाइन भी दे सकती है, ताकि वे धीरे-धीरे स्थानीय स्रोतों से खरीद यानी लोकल सोर्सिंग की शर्तों के अनुसार खुद को ढाल सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, “India Battery Vision 2047” में बैटरी सप्लाई चेन के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इसमें जरूरी खनिजों की खरीद, बैटरी बनाने के लिए अलग-अलग तकनीकें (केमिस्ट्री), बड़े पैमाने पर बैटरियों का इस्तेमाल और उनका रीसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) भी शामिल होगा।

“इंडिया बैटरी विजन 2047” के तहत बड़ा रोडमैप

रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहल सरकार के बड़े लक्ष्य “इंडिया बैटरी विजन 2047” का हिस्सा है, जिसमें बैटरी सप्लाई चेन के हर पहलू को शामिल किया गया है। इसमें क्रिटिकल मिनरल्स की उपलब्धता से लेकर बैटरी निर्माण, बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और रीसाइक्लिंग तक की पूरी रणनीति तैयार की जा रही है।

यह योजना भारी उद्योग मंत्रालय और बिजली मंत्रालय की अगुआई में तैयार की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को समर्थन देना है।

47 गीगावॉट स्टोरेज क्षमता, 38 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत

मिंट की रिपोपर्ट में बताया गया कि सरकार देश में 47 गीगावॉट (GW) बैटरी स्टोरेज क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसके लिए करीब 38 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी। ALBM को एक तरह के “नॉन-टैरिफ बैरियर” के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह तय होगा कि कौन-सी कंपनियां सरकारी टेंडर में हिस्सा ले सकती हैं।

यह कदम सुरक्षा के नजरिए से भी अहम है, क्योंकि भारत फिलहाल बैटरी कंपोनेंट्स के लिए काफी हद तक इंपोर्ट, खासकर चीन से इंपोर्ट पर निर्भर है।

सोलर सेक्टर जैसा मॉडल

सोलर सेक्टर में पहले से ही एक ‘अप्रूव्ड लिस्ट’ की व्यवस्था शामिल है, जिसमें सरकारी परियोजनाओं में केवल देश में बने मॉड्यूल का इस्तेमाल अनिवार्य है। यह नियम 1 जून से सोलर पीवी सेल्स पर भी लागू होगा और 2028 तक इसे इनगॉट्स और वेफर्स तक बढ़ाने की योजना है।

पूरी वैल्यू चेन पर फोकस

सरकार की योजना बैटरी वैल्यू चेन के हर स्तर को मजबूत करने की है। इसमें खनिजों की खोज और प्रोसेसिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और ग्रिड स्टोरेज में इस्तेमाल तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है।

बैटरियां बिजली की सप्लाई को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाती हैं, खासकर तब जब सोलर और विंड एनर्जी जैसे स्रोत लगातार उपलब्ध नहीं रहते। भारत का लक्ष्य 2047 तक मोबिलिटी, पावर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में करीब 3 टेरावाट-घंटे (TWh) की बैटरी स्टोरेज क्षमता हासिल करना है।

PLI स्कीम और सप्लाई चेन पर फोकस

सरकार एडवांस केमिस्ट्री सेल (ACC) के तहत 5 GWh क्षमता के उत्पादन को बढ़ावा देने वाली PLI स्कीम की प्रगति की भी समीक्षा कर रही है, हालांकि इसमें कुछ देरी देखने को मिली है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
china budget

चीन का रक्षा बजट दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा, कौन से देश हैं टॉप 5 में

March 7, 2023
राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा

धर्म राजनीति के आगे राहुल का जाति गणना कार्ड?

April 26, 2023

विज्ञापन क्षेत्र का ‘अ से ज्ञ’ सिखाती है- विज्ञापन का जादू

August 31, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी हटाई, क्या होगा MP का अगला कदम?
  • डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, क्या अमेरिका-ईरान लड़ाई खत्म होने जा रही है?
  • कितना सही है स्मॉल सेविंग्स स्कीम में पैसा लगाना? जानिए फायदे और नुकसान

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.