नई दिल्ली। दुनिया के लोग 5 साल पहले कोरोना वायरस के दौर को अब तक नहीं भूले हैं, जब एक बीमारी ने लाखों लोगों की जान ले ली थी. भारत भी इससे अछूता नहीं था. यहां पर लाखों लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो गई थी. अब 5 साल बाद एक और खतरनाक वायरस की दुनिया में एंट्री हुई है. इस वायरस की वजह से 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है. दुनियाभर के हेल्थ एक्सपर्ट इस वायरस को खतरनाक मानते हुए बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. भारत के स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस वायरस पर ध्यान दे रहे हैं.
दुनिया को डराने आया हंटावायरस
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वायरस का नाम हंटावायरस है. असल में एक क्रूज शिप करीब एक महीने पहले अर्जेंटीना से रवाना हुआ था. इस शिप पर मौज-मस्ती करने के लिए दुनियाभर से यात्री सवार थे. उसी जहाज पर हंटावायरस फैलने की खबर सामने आई है.
इस शिप से उतरने के बाद अब तक तीन यात्री इसी वायरस से ग्रसित होकर मर चुके हैं. वहीं चार यात्रियों को इलाज के लिए जहाज से उतारकर अस्पताल ले जाया गया है. इस खबर के सामने आने के बाद दुनियाभर में हड़कंप मचा है. इसकी वजह ये है कि इस शिप से उतरकर यात्री अपने देश ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड, अमेरिका और स्विट्जरलैंड समेत कई देशों में जा चुके हैं. अब उन यात्रियों को ढूंढने की बड़ी मुहिम चल रहा है, जिससे उन्हें ढूंढकर इलाज किया जा सके.
जो लोग इस क्रूज पर यात्रा करके ब्रिटेन में लौटे हैं, उन्हें 45 दिन घर पर अलग रहने को कहा गया है. उनके संपर्क में आए सभी लोगों की निगरानी की जा रही है. उस क्रूज शिप गहरी सफाई करवाई गई है. बाकी बचे यात्री अब स्पेन के कैनरी द्वीप पहुंच रहे हैं, जहां से वे अपने देश जाएंगे. भारत के लिए चिंता की बात ये है कि इस क्रूज शिप पर भारत के 2 क्रू मेंबर भी सवार हैं. वे कौन हैं और कहां के रहने वाले हैं. इस बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
संक्रमित चूहों से फैलता है खतरनाक वायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की डॉक्टर मारिया वान केरखोवे ने कहा है कि यह कोविड या फ्लू नहीं है. यह वायरस इन बीमारियों की तरह आसानी से नहीं फैलता. इसकी वजह से आम लोगों के लिए खतरा बहुत कम है, फिर भी सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है.
डॉक्टर मारिया वान केरखोवे के मुताबिक, इस वायरस का नाम वैज्ञानिक नाम एंडीज स्ट्रेन हंटावायरस है. यह चूहों से फैलता है. जब इंसान चूहों के मूत्र, मल या लार से दूषित हवा सांस में लेता है तो संक्रमित हो जाता है. आशंका जताई जा रही है कि क्रूज शिप दूर-दराज के जंगली इलाकों में भी घूमने गया था. ऐसे में संभव है कि कोई यात्री वहां पर चूहों या उनके संक्रमित कचरे के संपर्क में आया हो.
क्या यह वायरस इंसान से इंसान में फैलता है?
इसका जवाब हां है. अगर लोगों के बीच में बहुत करीबी संपर्क हो तो यह इंसान से इंसान में फैल सकता है. खासकर जहाज में केबिन शेयर करना, एक साथ खाना खाने और सीमित जगह पर रहने की वजह से यह तेजी से फैल सकता है. अभी तक इस वायरस से पीड़ित 8 लोगों के मामले सामने आए हैं. जिससे 3 लोगों की मौत हो चुकी है.
इस वायरस के लक्षण कब दिखते हैं?
इस वायरस के लक्षण संक्रमित होने के 2 से 4 हफ्ते बाद दिखते हैं. शुरुआत में पीड़ित को बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सांस फूलना, पेट दर्द, उल्टी या दस्त हो सकते हैं. इलाज की बात करें तो इसका कोई खास ट्रीटमेंट नहीं है. अस्पताल में लक्षण देखकर उनका इलाज किया जाता है. ऐसे में बेहतर यही होता है कि जल्दी अस्पताल पहुंचकर इलाज शुरू करवा दिया जाए, जिससे उसके बचने की संभावना बढ़ जाती है.
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) के प्रोफेसर रॉबिन मे का कहना है कि जो लोग इस क्रूज यात्रा में शामिल हुए थे, उन्हें छोड़कर बाकी आम लोगों के लिए खतरा लगभग शून्य है. बाजार, स्कूल, ऑफिस या सड़क पर लोगों के सामान्य संपर्क में आने से यह वायरस नहीं फैलता है. उनका मानना है कि यह वायरस पूरी दुनिया में महामारी नहीं बनने वाला है. फिर भी यह एक गंभीर घटना है, ऐसे में लोगों को संभलकर रहने की जरूरत है.







