Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

ममता की सरकार जाते ही क्यों चर्चा में आ गई लाल ईंटों वाली वो इमारत?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 8, 2026
in राष्ट्रीय
A A
ईस्ट इंडिया कंपनी का दफ्तर
25
SHARES
847
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की नई सरकार एक बार फिर कोलकाता की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले ‘राइटर्स बिल्डिंग’ को राज्य सचिवालय के रूप में जीवंत करने की तैयारी में जुट गई है. ब्रिटिश दौर की यह प्रतिष्ठित इमारत लंबे समय तक बंगाल की सत्ता का केंद्र रही, लेकिन 2013 में ममता बनर्जी सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को यहां से हटाकर हावड़ा के शिबपुर स्थित आधुनिक इमारत ‘नबन्ना’ में शिफ्ट कर दिया था. नबन्ना को उस समय एक आधुनिक और सुविधाजनक प्रशासनिक केंद्र के तौर पर पेश किया गया था. इसके बाद से राज्य सरकार के ज्यादातर विभाग वहीं से संचालित हो रहे हैं.

हालांकि, अब नई सरकार ऐतिहासिक विरासत और प्रशासनिक पहचान को फिर से मजबूत करने के उद्देश्य से राइटर्स बिल्डिंग को दोबारा सचिवालय बनाने की दिशा में काम कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, इमारत के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक संरचना को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके. राइटर्स बिल्डिंग सिर्फ एक सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक और सांस्कृतिक विरासत का भी अहम प्रतीक मानी जाती है. अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो करीब एक दशक बाद राज्य प्रशासन की गतिविधियां फिर से कोलकाता के दिल में लौट सकती हैं.

इन्हें भी पढ़े

UGC NET

NEET के बाद अब UGC NET में भी री-एग्जाम, क्या है पूरा मामला?

June 23, 2026
Petrol-Diesel

तेल कंपनियों को बंपर मार्जिन, जनता परेशान, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आई बड़ी रिपोर्ट

June 23, 2026
suvendu adhikari

भारत की गर्दन पर थी दुश्मनों की नजर, सुवेंदु अध‍िकारी ने पलट द‍िया गेम

June 22, 2026
Brahmos

ब्रह्मोस और आकाशतीर पर आया UAE का दिल, भारत के साथ होगी डील

June 22, 2026
Load More

1777  में ईस्ट इंडिया कंपनी के क्लर्कों का दफ्तर थी इमारत

पश्चिम बंगाल की उस ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग्स को फिर से राज्य सचिवालय के रूप में जीवित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो साल 1777 में ईस्ट इंडिया कंपनी के क्लर्कों के दफ्तर के तौर पर बनी यह औपनिवेशिक इमारत कभी बंगाल शासन का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करती थी. दशकों तक यहीं से राज्य की सत्ता संचालित हुई.

राइटर्स बिल्डिंग्स के पुनर्निर्माण और मरम्मत की योजनाएं तो बनीं, लेकिन काम बेहद धीमी गति से आगे बढ़ता रहा. अब माना जा रहा है कि संभावित बीजेपी सरकार इस ऐतिहासिक भवन को फिर से सत्ता का केंद्र बनाने के लिए गंभीर है. सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार नबान्ना से काम करने के पक्ष में नहीं दिख रही और इसी वजह से राइटर्स बिल्डिंग्स को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

राइटर्स बिल्डिंग के रेनोवेशन का तेजी से हो रहा काम

लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस इमारत की मरम्मत, कार्यालयों की व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है. बुधवार को पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने राइटर्स बिल्डिंग्स का दौरा किया. इस दौरान अलग-अलग मंजिलों का निरीक्षण किया गया, मरम्मत कार्य की स्थिति देखी गई और सुरक्षा व्यवस्था में किन बदलावों की जरूरत होगी, इसका आकलन किया गया.

बताया जा रहा है कि नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रियों के यहीं से काम करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. राजनीतिक रूप से भी यह कदम बेहद प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि राइटर्स बिल्डिंग्स बंगाल की प्रशासनिक और ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा रही है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Rahul Gandhi's 'Bharat Jodo Yatra

कांग्रेस के लिए बहुत कुछ तय कर देंगे ये इस राज्य के चुनावी नतीजे!

March 13, 2023
wedding

हिंदू विवाह एक ‘संस्कार’, ‘गाना और डांस’ का आयोजन नहीं!

May 3, 2024
शक्ति वंदन अधिनियम

राजनीतिक संस्कृति और आधी-आबादी

November 17, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ITR जमा करने के बाद दोबारा क्यों भरना पड़ रहा है फॉर्म?
  • इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के, लेकिन इस टीम के खिलाफ एक भी सिक्स नहीं लगा पाए रोहित
  • NEET के बाद अब UGC NET में भी री-एग्जाम, क्या है पूरा मामला?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.