नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिलाओं के लिए डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा व्यवस्था को पूरी तरह कार्ड आधारित बनाने की तैयारी तेज हो गई है. दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) ने महिलाओं से अपील की है कि जिनका ‘सहेली पिंक कार्ड’ बन चुका है, वे बसों में यात्रा के दौरान उसी कार्ड का इस्तेमाल करें. इसके लिए बस परिचालकों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वे महिला यात्रियों को पिंक कार्ड के उपयोग के लिए जागरूक करें.
दरअसल, 1 जुलाई से सिर्फ पिंक कार्ड के जरिए ही महिलाएं बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी, इसकी अभी कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है. डीटीसी के डिप्टी चीफ जनरल मैनेजर अमन देव छिकारा ने बताया कि अब तक कुल 7,69,467 कार्ड बनाए जा चुके हैं. इनमें महिलाओं के लिए जारी सहेली पिंक कार्ड के अलावा ब्लू और ऑरेंज कार्ड भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए अब तक 7,67,616 सहेली पिंक कार्ड जारी किए जा चुके हैं.
अमन देव छिकारा ने कहा कि फिलहाल जिन महिलाओं के पास पिंक कार्ड नहीं है, उन्हें भी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है. लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था को पूरी तरह कार्ड आधारित बनाया जाएगा. इसी वजह से महिलाओं से लगातार अपील की जा रही है कि वे अपने पिंक कार्ड बनवाकर बसों में उसी के जरिए यात्रा करें. महिलाओं से अपील करने के लिए बस परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं.
31 मई के बाद भी जारी रहेगा कार्ड बनाने का काम
डीटीसी के डिप्टी सीजीएम छिकारा ने बताया कि पहले महिलाओं के पिंक कार्ड बनाने की अंतिम तिथि 31 मई तय की गई थी, लेकिन कार्ड बनाने का काम आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि जब अधिकांश महिलाओं के कार्ड बन जाएंगे, तब अस्थायी केंद्रों की संख्या कम कर दी जाएगी. इसके बाद पिंक, ब्लू और ऑरेंज कार्ड बनाने की सुविधा उन स्थायी केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी, जहां पहले से डीटीसी के बस पास बनाए जाते हैं.
6 साल की बच्चियों का भी बनवाएं कार्ड
डीटीसी के डिप्टी सीजीएम ने बताया कि भविष्य में महिलाएं उन्हीं स्थायी केंद्रों पर जाकर अपना पिंक कार्ड बनवा सकेंगी. हालांकि, डीटीसी की कोशिश है कि अधिक से अधिक महिलाएं जल्द कार्ड बनवा लें, जिससे आने वाले समय में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. छह वर्ष की आयु में प्रवेश करने वाली बच्चियों के लिए भी पिंक कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें बसों में टिकट न लेना पड़े. आने वाले समय में जो बच्चियां 5 से 6 साल की उम्र में प्रवेश करेंगी उन बच्चियों के कार्ड भी उन्हीं केंद्रों पर बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों के बस पास बनाए जाते हैं.
पुरुषों से भी ब्लू कार्ड बनवाने की अपील
डीटीसी की ओर से पुरुष यात्रियों के लिए ब्लू और ऑरेंज कार्ड (रियायती श्रेणी का कार्ड) भी जारी किए जा रहे हैं, लेकिन इन कार्डों को बनवाने वालों की संख्या अभी कम है. इस पर अमन देव छिकारा ने कहा कि लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे इस तरह के कार्ड बनवाएं, जिससे सार्वजनिक परिवहन में सफर आसान हो सके. उन्होंने बताया कि यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) आधारित है. इसके जरिए यात्री सिर्फ डीटीसी बसों ही नहीं बल्कि मेट्रो, नमो भारत व अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी यात्रा कर सकते हैं. साथ ही यह कार्ड एटीएम कार्ड की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
यात्रियों को गर्मी से बचने की पहल
इस बीच गर्मी व लू के मौसम को देखते हुए डीटीसी ने ‘जलदूत’ अभियान भी शुरू किया है. अमन देव छिकारा के मुताबिक, डीटीसी के विभिन्न टर्मिनलों व पिंक कार्ड केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रियों और कार्ड बनवाने आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना न करना पड़े.






