नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के हब के रूप में विकसित करने की दिशा में दिल्ली सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी ‘ड्राफ्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026’ को जनता और उद्योग जगत का भारी समर्थन मिला है. 30 दिनों तक सार्वजनिक डोमेन में रहने के बाद, अब इस पॉलिसी पर सुझावों और फीडबैक का अंबार लग गया है.
700 हितधारकों ने दर्ज कराई अपनी राय
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि परामर्श प्रक्रिया के दौरान लगभग 700 सुझाव प्राप्त हुए हैं. यह आंकड़ा दर्शाता है कि दिल्ली के लोग स्वच्छ परिवहन की दिशा में कितने जागरूक हैं. लगभग 400 सुझाव रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs), छात्रों, डिलीवरी राइडर्स और वाहन मालिकों से मिले हैं. 200 से अधिक सुझाव वाहन निर्माताओं (OEMs), चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटर्स और बैटरी स्वैपिंग कंपनियों की ओर से आए हैं. करीब 50 सुझाव थिंक टैंक्स, एनजीओ और विश्वविद्यालयों से प्राप्त हुए हैं. एक दर्जन के करीब सुझाव विभिन्न मंत्रालयों और प्राधिकरणों ने साझा किए हैं.
क्या है ‘ड्राफ्ट दिल्ली EV पॉलिसी 2026’ का लक्ष्य!
इस नई नीति के जरिए दिल्ली सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी करना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को गली-मोहल्लों तक पहुंचाना है. नीति में टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, ई-रिक्शा और मालवाहक वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया है. बैटरी रिसाइक्लिंग और वाहन स्क्रैपेज के लिए नए प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं. ड्राफ्ट में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए सब्सिडी और अन्य रियायतों का भी खाका तैयार किया गया है.
अब यह होगा अगला कदम
परिवहन विभाग के अनुसार, इन सभी 700 सुझावों के तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं की जांच के बाद जो भी सुझाव उपयुक्त पाए जाएंगे, उन्हें मुख्य पॉलिसी में शामिल किया जाएगा. इसके बाद ‘दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026’ को अंतिम रूप देकर लागू कर दिया जाएगा. दिल्ली सरकार की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि आने वाले सालों में राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं कम होगा और प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली को बड़ी राहत मिलेगी.
बता दें कि गत 10 अप्रैल को दिल्ली सरकार ने ईवी पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी किया था और आम लोगों से सुझाव मांगे थे. नई ईवी ड्राफ्ट पॉलिसी में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर मिलने वाले इंसेंटिव को तीन साल के स्लैब में बांटा है. खास बात यह है कि फायदा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा. अगर आप पहले साल में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदते हैं, तो 30,000 तक की सीधी सब्सिडी मिल सकती है. दूसरे साल में यह 20,000 और तीसरे साल में 10,000 हो जाएगी.
शर्त यह की कीमत 2.25 लाख से कम हो. 30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस जीरो रहेगी. स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर भी 50% की छूट मिलेगी. कमर्शियल वाहन ई-ऑटो पर पहले साल 50,000 और ई-लोडर (N1 श्रेणी) पर एक लाख तक की राहत मिलेगी. सरकार द्वारा जारी ईवी ड्राफ्ट पॉलिसी में आमलोग ने 10 मई तक सुझाव दिए हैं. अब कुछ दिनों बाद सरकार फाइनल पॉलिसी जारी करेगी.







