डॉ. लोकेन्द्र सिंह
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के प्रांगण से पत्रकारिता की पढ़ाई करके राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे पूर्व विद्यार्थी रजनीश अग्रवाल अब राज्यसभा के सम्मानित सदस्य होंगे। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें मध्यप्रदेश से देश की सबसे बड़ी पंचायत के उच्च सदन हेतु अपना उम्मीदवार बनाया है।
विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव की बात है कि उसके विद्यार्थी दादा माखनलाल चतुर्वेदी के आंगन में संचार कौशल सीखकर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जाना यह संदेश भी देता है कि राजनीतिक क्षेत्र में बौद्धिक क्षमता, वैचारिक स्पष्टता और उत्कृष्ट संचार कौशल वाले नेताओं को महत्व दिया जा रहा है। रजनीश अग्रवाल का व्यक्तित्व एक राजनेता से कहीं अधिक एक कुशल रणनीतिकार और प्रखर संचारक का है, जिसकी जड़ें पत्रकारिता के मजबूत धरातल से जुड़ी हैं।
माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के गौरव
राजनीतिक क्षेत्र में अपनी संवेदनशील और कुशल प्रवक्ता की छवि बनाने वाले रजनीश अग्रवाल की इस यात्रा में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि का बड़ा महत्व है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू), भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग से उन्होंने प्रसारण पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। यहाँ सीखे संवाद कौशल का उपयोग उन्होंने टीवी डिबेट्स में खूब किया है। कैमरे के सामने किस प्रकार संतुलित ढंग से अपनी बात कही जाती है, उसके लिए रजनीश अग्रवाल का उदाहरण अकसर राजनीतिक गलियारों में दिया जाता रहा है।
आज भी जब राज्यसभा के लिए उनके नाम की घोषणा हुई तब राजनीतिक क्षेत्र में किए गए उनके योगदान के साथ-साथ पत्रकारिता के अध्ययन की चर्चा भी हो रही है। एमसीयू से पढ़कर निकले कई अन्य विद्यार्थी भी राजनीतिक क्षेत्र में स्वयं को स्थापित कर चुके हैं। राजनीति का क्षेत्र ऐसा है, जहाँ कदम-कदम पर संवाद में कुशलता की आवश्यकता पड़ती है। एमएबीजे (MA-Broadcast Journalism) का पाठ्यक्रम जनसंचार की बारीकियों से अवगत कराने के साथ ही मीडिया के काम करने के तरीके, सूचनाओं के विश्लेषण और जनमानस तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुँचाने की कला भी सिखाता है। एक पत्रकार के रूप में समाज को देखने का नज़रिया और फिर उसी समाज के लिए एक राजनेता के रूप में नीतियाँ बनाने का विज़न, किसी भी व्यक्ति को एक अनूठा संतुलन प्रदान करता है।
कुशल रणनीतिकार और प्रखर वक्ता
एक ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म के छात्र होने के नाते, रजनीश अग्रवाल में कैमरे और जनता दोनों का सामना करने की अद्भुत क्षमता है। टीवी डिबेट्स, प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक मंचों पर वे हमेशा तथ्यों और तर्कों के साथ अपनी बात रखते हैं। उनकी यह खूबी उन्हें एक गंभीर और विश्वसनीय राजनेता के रूप में स्थापित करती है। मीडिया की कार्यप्रणाली को अंदर से समझने के कारण, वे राजनीतिक बहसों में कभी आपा नहीं खोते और बेहद संयमित ढंग से पार्टी का पक्ष रखते हैं। मध्यप्रदेश में रजनीश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता के नाते जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं। इस दायित्व पर रहकर उन्होंने अपने और पार्टी के विचार को समाज के सामने संतुलित ढंग से रखा है। इस दौरान उन्होंने पार्टी के संचार तंत्र को मजबूत करने में भी अपनी संचार कुशलता का उपयोग किया है।
राज्यसभा में होगा एक बेहतर ‘कम्युनिकेटर’
संसद में राज्यसभा को ‘उच्च सदन’ या ‘बुद्धिजीवियों का सदन’ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ चुनकर आनेवाले राजनेताओं से अपेक्षा रहती है कि वे संवाद में कुशल हों, बौद्धिक क्षमता रखते हों, जिनके पास जनता के हित में नीतियां बनाने का एक विजन हो। राज्यसभा में ऐसे नेताओं की आवश्यकता होती है जो राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर गहराई से अध्ययन कर सकें और सार्थक बहस कर सकें। इस दृष्टिकोण से देखें तो रजनीश अग्रवाल अपनी अकादमिक पृष्ठभूमि के कारण राज्यसभा के एक बेहतरीन कम्युनिकेटर के रूप में दिखायी देते हैं।
एमसीयू के लिए गौरव की बात
रजनीश अग्रवाल का राज्यसभा उम्मीदवार बनना माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के लिए भी एक गर्व का विषय है, जहाँ से निकले एक छात्र ने देश की सर्वोच्च विधायी संस्था तक का सफर तय किया है। एक छात्र, संचारक और राजनेता के रूप में उनका यह सफर यह साबित करता है कि यदि वैचारिक दृढ़ता और संचार कौशल का सही तालमेल हो, तो राजनीति में सकारात्मक और प्रभावशाली स्थान प्राप्त किया जा सकता है। उनका उच्च सदन में जाना मध्यप्रदेश की आवाज को और अधिक मुखरता प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय परिवार इस समाचार को पाकर प्रसन्नता की अनुभूति कर रहा है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं…..
लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं।







