प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगभग 21 वर्ष बाद मतदाता सूची के व्यापक विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की शुरुआत हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार के अनुसार, इस अभियान के तहत करीब 13 हजार बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह अभियान 29 जुलाई 2026 तक चलेगा।
घर-घर होगा सत्यापन
30 जून से शुरू हुए इस अभियान के दौरान BLO प्रत्येक घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यदि पहली बार संबंधित मतदाता घर पर नहीं मिलता है, तो BLO कम से कम तीन बार उस पते पर जाने का प्रयास करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सत्यापन से वंचित न रहे।
मतदाताओं को भरना होगा एन्यूमरेशन फॉर्म
सत्यापन के दौरान प्रत्येक मतदाता को दो एन्यूमरेशन फॉर्म दिए जाएंगे। इनमें से एक फॉर्म भरकर BLO को जमा करना होगा, जबकि दूसरा रिकॉर्ड के लिए मतदाता अपने पास रख सकेगा।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म जमा करते समय पहचान पत्र या अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी देना अनिवार्य नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकता है।
जो मतदाता नौकरी, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने पते से बाहर रह रहे हैं, उनके लिए ऑनलाइन माध्यम से भी एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
क्या है अभियान का उद्देश्य ?
विशेष पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से—18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। मृत अथवा स्थायी रूप से दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जाएंगे। मतदाताओं के नाम, पता एवं अन्य विवरणों में मौजूद त्रुटियों का सुधार किया जाएगा। मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाएगा।
कौन सी हैं महत्वपूर्ण तिथियां !
- 30 जून 2026 घर-घर सत्यापन अभियान प्रारंभ
- 29 जुलाई 2026 सत्यापन अभियान का पहला चरण समाप्त
- 5 अगस्त 2026 प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन
- 7 अक्टूबर 2026 दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी
मतदान केंद्रों का भी होगा पुनर्गठन
चुनाव आयोग मतदाता सूची पुनरीक्षण के साथ-साथ मतदान केंद्रों के पुनर्गठन पर भी कार्य कर रहा है। योजना के अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाता पंजीकृत होंगे, जिससे मतदान के दिन भीड़ कम होगी और मतदाताओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
सहायता शिविर भी लगाए जाएंगे
राजधानी के सभी जिलों में विशेष हेल्पडेस्क और सहायता शिविर स्थापित किए जाएंगे। यहां मतदाता अपना नाम जोड़ने, संशोधन कराने, पता बदलने अथवा अन्य चुनाव संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इस स्तर का व्यापक विशेष पुनरीक्षण अभियान इससे पहले वर्ष 2002-04 के दौरान आयोजित किया गया था। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने वर्ष 2002 की पुरानी मतदाता सूची भी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है, ताकि मतदाता पुराने रिकॉर्ड का भी सत्यापन कर सकें।
यह अभियान विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और उन मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके नाम, पते या अन्य विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि है।







