नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड एग्रीमेंट) के पहले चरण पर जुलाई की शुरुआत में हस्ताक्षर हो सकते हैं. उनके इस बयान से संकेत मिला है कि हाल के टैरिफ विवादों के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है.
भारत और अमेरिका इस समय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट) से जुड़े बचे हुए मुद्दों को सुलझाने में लगे हुए हैं. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही भारतीय निर्यातकों को कुछ क्षेत्रों में अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर अवसर मिल सकते हैं. पीयूष गोयल के बयान से यह भी साफ हुआ है कि पिछले कुछ हफ्तों में बातचीत ने तेजी पकड़ी है और दोनों देश जल्द किसी बड़े समझौते का ऐलान कर सकते हैं.
अमेरिका के व्यापार विभाग की टीम का दिल्ली दौरा
इससे पहले 5 जून को भी पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका पहले चरण के समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने बताया था कि अमेरिका के व्यापार विभाग के अलग-अलग अधिकारियों की एक पूरी टीम नई दिल्ली में मौजूद थी और दोनों देशों के बीच कई दौर की विस्तृत बातचीत हुई थी. पीयूष गोयल ने कहा था कि दोनों पक्ष समझौते से जुड़े सभी बाकी मुद्दों को जल्द सुलझाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया था कि जुलाई के मध्य तक इस समझौते का पहला चरण तैयार हो सकता है. उन्होंने कहा था कि अगले महीने के बीच तक दोनों देश एक बहुत अच्छे और मजबूत पहले चरण के समझौते को पूरा करने की स्थिति में होंगे.
भारत और अमेरिका के बीच बड़े व्यापारिक सहयोग
यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच बड़े व्यापारिक सहयोग की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि समझौते के पहले चरण से भारत को कुछ क्षेत्रों में विशेष व्यापारिक पहुंच मिल सकती है. इससे भारतीय कंपनियों और निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर तरीके से प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा. अमेरिका भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार देशों में शामिल है. ऐसे समय में जब दुनिया के कई देश अपनी सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत कर सकता है.
भारत और अमेरिका के बीच इस व्यापार समझौते
भारत और अमेरिका के बीच इस व्यापार समझौते को लेकर फरवरी में शुरुआती सहमति बनी थी. हालांकि बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर कानूनी चुनौतियां सामने आने के बाद बातचीत की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई थी. हाल ही में नई दिल्ली में दोनों देशों के व्यापार अधिकारियों के बीच हुई बैठकों के बाद बातचीत फिर से तेज हो गई है. हालांकि प्रगति के बावजूद कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं. पिछले सप्ताह अमेरिका ने भारत से आने वाले आयातित उत्पादों पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था. अमेरिका का कहना है कि भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने जबरन मजदूरी से जुड़े आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं.







