Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

15 माह और 15 विनाशक हथियारों के परीक्षण, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किस तैयारी में जुटा भारत?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 7, 2026
in राष्ट्रीय
A A
hypersonic missile
22
SHARES
744
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। बीते साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष भारतीयों की हत्या के बाद भारत का धैर्य जवाब दे दिया था. उसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिए. इस एक्शन में सैकड़ों की संख्या में ट्रेनिंग ले रहे आतंकवादी मारे गए. इससे पाकिस्तान बिलबिला गया. फिर दोनों मुल्कों के बीच 7 से 10 मई तक भीषण संघर्ष हुआ.

भारत ने इन 72 घंटे में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और एयरबेस पर ब्रह्मोस मिसाइलों से हमला किया. इससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा. इसके बाद 10 मई को संघर्ष विराम हुआ. भारत के इस ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ढांचे तबाह हुए थे. लेकिन इससे खतरा खत्म नहीं हुआ. बल्कि भारत के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गईं. पाकिस्तान और उसकी सरपरस्ती में पल रहे आतंकी संगठन बदले की फिराक में हैं. ऐसे में भारत भी हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठा है.

इन्हें भी पढ़े

Ladakh

भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

October 3, 2026
Dr. Ambedkar

एकात्म मानवदर्शन के बहुत निकट था डॉ अम्बेडकर का आर्थिक दृष्टिकोण

October 3, 2026
RSS

संघ को समझने का प्रयास है पुस्तक – आरएसएस @100

October 3, 2026
stock market

भारत में आर्थिक विकास की गति तेज रहने के बावजूद क्यों गिर रहा है शेयर बाजार

October 3, 2026
Load More

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों की रफ्तार पहले से कहीं अधिक तेज कर दी है. सरकार, सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) का पूरा फोकस अब भविष्य के युद्ध की तैयारी पर है. यही वजह है कि मई 2025 से अगस्त 2026 के बीच भारत ने कम से कम 15 बड़े रणनीतिक और सामरिक हथियारों का परीक्षण किया. यानी औसतन हर महीने एक बड़ा परीक्षण. यदि इसकी तुलना ऑपरेशन सिंदूर से पहले जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 के बीच किए गए परीक्षणों से करें तो उस दौरान लगभग 12 बड़े परीक्षण हुए थे. इससे साफ संकेत मिलता है कि अब केवल हथियार विकसित करने पर नहीं, बल्कि उन्हें तेजी से सेना के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों बढ़ी परीक्षणों की रफ्तार?

ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सुरक्षा तंत्र को कई नए सबक दिए. संघर्ष के दौरान ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, एयर डिफेंस सिस्टम और सटीक हमलों की अहमियत साफ दिखाई दी. पाकिस्तान ने भी बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की. ऐसे में भारत ने यह महसूस किया कि भविष्य का युद्ध केवल सैनिकों के भरोसे नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के दम पर लड़ा जाएगा. यही कारण है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिन हथियारों का परीक्षण हुआ, उनमें सबसे ज्यादा ध्यान एयर डिफेंस, लंबी दूरी की मिसाइलों और सटीक हमले करने वाली क्रूज मिसाइलों पर दिया गया.

15 महीने में कौन-कौन से बड़े परीक्षण हुए?

  • मई 2025 के बाद भारत ने एंटी-स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम का परीक्षण किया, जो एक साथ आने वाले ड्रोन झुंड को नष्ट करने में सक्षम है. इसके बाद अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण हुआ, जिसने 5,000 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता को दोबारा प्रमाणित किया.
  • दिसंबर 2025 में आकाश-एनजी और पनडुब्बी से दागी जाने वाली के-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया.
  • फरवरी 2026 में प्रोजेक्ट कुशा के पहले इंटरसेप्टर ने उड़ान भरी, जिसे भारत का स्वदेशी लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम माना जा रहा है.
  • मई 2026 में अग्नि-5 के MIRV संस्करण का परीक्षण सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में रहा. इससे एक ही मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों पर स्वतंत्र रूप से वार कर सकती है.
  • इसके बाद जून में 1,000 किलोमीटर तक मार करने वाली स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का परीक्षण हुआ.
  • जुलाई में कुशा इंटरसेप्टर ने नकली लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया.
  • अगस्त 2026 में अग्नि-4 का सफल यूजर ट्रायल पूरा हुआ.

ऑपरेशन सिंदूर से पहले कैसी थी तैयारी?

जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 के बीच भी भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की थीं. इसी दौरान मिशन दिव्यास्त्र के तहत अग्नि-5 के MIRV संस्करण का पहला परीक्षण हुआ था. भारत हाइपरसोनिक हथियारों के क्लब में भी शामिल हुआ.

रुद्रम-2, अग्नि-प्राइम, आकाश-एनजी, वीएसएचओआरएडीएस, एमआरएसएएम और बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर जैसे कई सिस्टम का परीक्षण इसी अवधि में हुआ. हालांकि उस समय इन परीक्षणों का मकसद नई तकनीकों का विकास और सत्यापन था, जबकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद फोकस इन प्रणालियों को जल्द से जल्द सेना में शामिल करने पर दिखाई देता है.

किस तैयारी में है भारत?

यदि इन सभी परीक्षणों को एक साथ देखें तो भारत की रणनीति तीन स्तरों पर साफ नजर आती है.

पहला, देश एक मजबूत मल्टी रोल एयर डिफेंस सिस्टम तैयार कर रहा है. प्रोजेक्ट कुशा, आकाश-एनजी, एमआरएसएएम और एंटी-ड्रोन सिस्टम इसी रणनीति का हिस्सा हैं. उद्देश्य यह है कि दुश्मन की मिसाइल, ड्रोन या लड़ाकू विमान भारतीय सीमा में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिए जाएं.

दूसरा, भारत अपनी लंबी दूरी की जवाबी हमला क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है. अग्नि-4, अग्नि-5, एमआईआरवी तकनीक और लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं. इनसे भारत जरूरत पड़ने पर हजारों किलोमीटर दूर स्थित सामरिक ठिकानों को बेहद सटीकता से निशाना बना सकता है.

तीसरा, भारत भविष्य के हाई-टेक युद्ध की तैयारी कर रहा है. ड्रोन स्वॉर्म, हाइपरसोनिक हथियार, एआई के जरिए टार्गेट की पहचान और मल्टी लेयर एयर डिफेंस अब आधुनिक युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं. भारत इन सभी क्षेत्रों में तेजी से स्वदेशी क्षमता विकसित कर रहा है ताकि किसी भी संभावित संघर्ष में विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम हो.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
stock market

भारत में आर्थिक विकास की गति तेज रहने के बावजूद क्यों गिर रहा है शेयर बाजार

October 3, 2026

उद्धव कैसे बचा सकेंगे तीर-धनुष?

July 11, 2022

भाजपा की लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू

January 8, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • CM रेखा गुप्ता का ओखला लैंडफिल दौरा, 2026 के अंत तक कूड़े के पहाड़ को खत्म करने का किया दावा
  • न अमेरिका-ईरान के बीच डील हुई, न होर्मुज खुला, फिर भी गिरे कच्चे तेल के दाम
  • भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.