Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home व्यापार

समंदर में ‘अंधे’ होकर चल रहे बड़े ऑयल टैंकर, खुफिया रास्तों से ऐसे पहुंच रही सप्लाई

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 10, 2026
in व्यापार
A A
crude oil
23
SHARES
754
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में 28 फरवरी से छिड़े युद्ध ने समंदर के रास्ते होने वाले वैश्विक व्यापार की सूरत बदल कर रख दी है. दुनिया भर में तेल व गैस की सप्लाई करने वाले विशालकाय जहाज अब रडार से छिपकर चलने को मजबूर हैं. खास तौर पर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले ऑयल टैंकर अपने ऑटोमैटिक ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) बंद कर रहे हैं ताकि उन पर कोई हमला न हो सके.

समंदर में छिपने को क्यों मजबूर हुए जहाज?

इन्हें भी पढ़े

EPFO

अब आसानी से स्पेशल केस में 100% निकाल सकते हैं PF फंड, ये हैं नियम

June 8, 2026
india-us trade deal

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कब लगेगी आखिरी मुहर?

June 8, 2026
gas cylinder

उज्ज्वला कनेक्शन वालों को बड़ा झटका, सरकार ने घटाई सब्सिडी वाले सिलेंडर की संख्या

June 8, 2026
amrapali mango

भारतीय आमों को जापानियों ने ठुकराया, अब अंग्रेजों ने मंगाया

June 7, 2026
Load More

पहले सिर्फ ईरान या रूस जैसे देश अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए अपने जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम बंद किया करते थे. इसे शिपिंग की भाषा में ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता था. लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, युद्ध के कारण बेहद संवेदनशील इलाका बन गया है. व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों ने कंपनियों को सतर्क कर दिया है. अब अपनी सुरक्षा के लिए गैर-प्रतिबंधित देशों के बड़े जहाज भी खुद को रडार से छिपाकर यह इलाका पार कर रहे हैं. वोर्टेक्सा (Vortexa) के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से मई के अंत तक इस रास्ते से गुजरने वाले 57% जहाजों ने अपने सिस्टम बंद रखे थे.

भारतीय बाजारों तक सुरक्षित पहुंच रही ऊर्जा सप्लाई

इस पूरे वैश्विक संकट के बीच राहत की बात यह है कि भारत के लिए कच्चे तेल, एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) की जरूरी खेप लगातार बिना किसी रुकावट के पहुंच रही है. भारत अपनी तेल जरूरतों का 40%, एलएनजी का 60% और एलपीजी का करीब 90% आयात इसी क्षेत्र से करता है. डेटा बताता है कि कच्चे तेल के साथ-साथ अब क्लीन प्रोडक्ट्स (पेट्रोल, डीजल) और रसोई गैस ले जाने वाले जहाज भी इसी डार्क-मोड का इस्तेमाल करके भारतीय तटों तक सुरक्षित पहुंच रहे हैं.

रडार से गायब होने का यह खेल कितना खतरनाक?

अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के मुताबिक जहाजों का एआईएस (AIS) हमेशा चालू रहना चाहिए. सिस्टम बंद करने से जहाज पूरी तरह से अदृश्य हो जाते हैं. होर्मुज जैसे भारी ट्रैफिक वाले रास्ते पर अन्य जहाजों से टक्कर होने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है. युद्ध के डर ने इस खतरे को पीछे छोड़ दिया है. डाटा के अनुसार कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल के साथ-साथ अब एलएनजी (LNG) ले जाने वाले जहाज भी इसी तरीके से सफर तय कर रहे हैं.

अब मजबूरी बन गई है यह नई रणनीति

शिपिंग उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि डार्क शिपिंग अब कोई अपवाद नहीं, बल्कि काम करने का नया तरीका बन गया है. यूएई, कतर, सऊदी अरब जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों की राष्ट्रीय कंपनियों के जहाज भी इसी रणनीति पर चल रहे हैं. मई महीने में इस जलडमरूमध्य से छिपकर निकलने वाले जहाजों में 67% हिस्सेदारी इन्हीं देशों की थी, जिसमें अकेले यूएई की हिस्सेदारी 27% रही. इन खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ऊर्जा निर्यात पर टिकी है. ऐसे में वे अपनी सप्लाई चेन को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दे सकते. जहाज अब छिपकर ही सही, लेकिन अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं जिससे वैश्विक तेल बाजार फिलहाल राहत की सांस ले पा रहा है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Rahul Gandhi

अधर में फंसी राहुल गांधी की पदयात्रा, आपसी कलह से कैसे पार पा पाएगी कांग्रेस

September 20, 2022
Ministry of Coal

जिम्मेदार कोयला खनन की दिशा में कोयला मंत्रालय का ऐतिहासिक कदम

October 24, 2024

योग का विरोध क्यों?

June 29, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बिहार : लाखों पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी, हर महीने फिक्स डेट में आएगा पैसा
  • भारत ने रक्षा पर खर्च किए 92 अरब डॉलर, दुनिया में सिर्फ 4 देश ही अब आगे
  • बिहार में खुलेगा गूगल का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर?, सीएम सम्राट ने दिया ऑफर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.