नई दिल्ली। जब बच्चों को स्कूल पढ़ाने की बात आती है तो 10 में 9 लोग अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की इच्छा रखते हैं जिनमें से कुछ ही ये सपना पूरा कर पाते हैं लेकिन कुछ लोगों की जेब इस बात की इजाजत नहीं देती है और उनके लिए बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना मुमकिन नहीं हो पाता है. भारत के कई बड़े-बड़े शहर हैं जहां पर प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए मारामारी होती है. डोनेशन देने से लेकर महंगी फीस देने तक के लिए लोग तैयार रहते हैं. ऐसे में एक जगह से ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
जहां लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं लेकिन तेलंगाना के एक गांव ने पूरा ट्रेंड ही बदल दिया है. गांव के लोगों ने मिलकर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की बजाए सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का फैसला लिया है. इस फैसले के बाद से लगातार बैठकें भी हुई हैं.
किस गांव के लोग बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना नहीं चाहते हैं?
तेलंगाना के निर्मल जिले के लक्ष्मणचंदा मंडल के बाबापुर गांव के लोगों ने मिलकर अनोखे तरीके का फैसला लिया है. शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर बातचीत कर ये निर्णय लिया कि वो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में नहीं पढ़ाना चाहते हैं. सभी ने इस फैसले पर पंचायत में बहुत चर्चा की. इसके बाद प्रस्ताव पास किया गया कि गांव के सभी बच्चों को एडमिशन सरकारी स्कूल में ही होगा.
क्यों लिया सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाने का फैसला?
बच्चों को सिर्फ सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के फैसले पर गांव की सरपंच पडिगेला लक्ष्मी की ओर से कहा गया कि गांव और बच्चों के विकास के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी है. यहां पर ज्यादातर लोग खेती-किसानी करने वाले हैं और प्राइवेट स्कूल की फीस बहुत ज्यादा होती है. इस लिहाज से सभी ने मिलकर फैसला लिया कि गांव में हर वर्ग के परिवार वालों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ सकते हैं और वहां से शिक्षा हासिल कर सकते हैं.
हर तरफ से मिल रही है वाहवाही
तेलंगाना के बाबापुर गांव के इस फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है. शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने भी गांव की पहल की तारीफ की है. लोगों का मानना है कि ये फैसला दूसरे गांवों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है. बाबापुर गांव ने ये दिखाया है कि अगर लोग मिलकर सरकारी स्कूलों पर भरोसा करें और उनका सहयोग करें, तो शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है.







