नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 कई मायनों में भारत के लिए यादगार रहा। ऐसा इसलिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ही के दिन (रविवार को) कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना को तीन नए स्वदेशी जहाज सौंपे। इनमें गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट दूनागिरी, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रय (अग्रेह) और सर्वे वेसेल लार्ज संशोधक शामिल हैं। ये तीनों जहाज पूरी तरह भारत में आत्मनिर्भरत भारत के तहत बने और डिजाइन किए गए हैं। इन जहाजों को राष्ट्र को समर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ताकत आत्मनिर्भरता में है।
जहाजों की जानकारी
दूनागिरी एक उन्नत गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। नौसेना के वीडियो में इसे शक्ति, चपलता और सटीकता वाला युद्धपोत बताया गया है। इसमें अत्याधुनिक हथियार, सेंसर, स्वदेशी स्टील्थ तकनीक और लंबे समय तक समुद्र में रहने की क्षमता है। इसे बहु-आयामी लड़ाई के लिए तैयार किया गया है।
- अग्रय शैलो वॉटर में पनडुब्बी-रोधी युद्ध के लिए बनाया गया क्राफ्ट है। यह तटीय इलाकों में प्रभावी तरीके से काम कर सकता है।
- संशोधक एक बड़ा सर्वे वेसेल है, जो समुद्र की गहराई, मैपिंग और अन्य सर्वे कामों के लिए इस्तेमाल होगा।
- ये तीनों जहाज अब भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो गए हैं, जिससे नौसेना की क्षमता बढ़ेगी।
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि ये तीन जहाज भारत के तीन बड़े संकल्पों का प्रतीक हैं। इनका निर्माण और डिजाइन देश में ही हुआ है। उन्होंने भारतीय उद्योगों की क्षमता, इंजीनियरों के कौशल और मजदूरों की मेहनत की तारीफ की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब भारत रक्षा क्षेत्र में सिर्फ खरीदार नहीं रहना चाहता। हमारी सशस्त्र सेनाएं दुनिया के लिए बाजार नहीं बन सकतीं। हमारी ताकत आत्मनिर्भरता में है।
पीएम ने आगे कहा कि आज दुनिया का ज्यादातर व्यापार समुद्री रास्तों से होता है। डेटा के बड़े नेटवर्क भी समुद्र के नीचे से गुजरते हैं। इसलिए जिस देश की समुद्री शक्ति मजबूत होगी, उसका आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भी उतना ही मजबूत होगा। भारत इस बात को अच्छे से समझता है। INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक इस दिशा में नई गति दे रहे हैं।







